इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। उनके बेटे सुलेमान खान ने आरोप लगाया है कि जेल में उनके पिता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को इमरान खान की लगातार कैद और कथित दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सुलेमान खान के अनुसार, अगस्त के बाद से परिवार और वकीलों का इमरान खान से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने दावा किया कि आखिरी बातचीत में उनके पिता ने जेल में कथित दुर्व्यवहार और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
‘पिता की जान को गंभीर खतरा’
सुलेमान खान ने आशंका जताई कि उनके पिता को जानबूझकर ऐसी परिस्थितियों में रखा जा रहा है, जो उनकी सेहत और जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इमरान खान ने पहले आशंका जताई थी कि उनके साथ मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी जैसा व्यवहार किया जा सकता है, जिनकी 2019 में अदालत में सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी। सुलेमान का आरोप है कि इमरान खान की लोकप्रियता और राजनीतिक प्रभाव से चिंतित लोग उन्हें निशाना बना रहे हैं। हालांकि, उन्हें जानबूझकर नुकसान पहुंचाने या उनकी हत्या की साजिश के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर अमल का सवाल
सुलेमान खान ने दावा किया कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में इमरान खान को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित कराकर उनका चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार कराने का निर्देश दिया था। उनके अनुसार, अदालत ने परिवार के सदस्यों से नियमित मुलाकात और वकीलों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे। सुलेमान का आरोप है कि संबंधित अधिकारी इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस मामले में न्यायिक आदेशों के वास्तविक दायरे और उनके अनुपालन की स्थिति को लेकर स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इमरान खान फिलहाल रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मामलों में सजा सुनाई गई है और उनके खिलाफ कई अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। इमरान खान इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताते रहे हैं।
परिवार की गिरफ्तारी से बढ़ा तनाव
इमरान खान के परिवार के सदस्य भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति और जेल में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर चिंता जताते रहे हैं। उनके बेटे सुलेमान और कासिम खान को पाकिस्तान की यात्रा न करने की सलाह दिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। सितंबर में इमरान खान की बहनों अलीमा खान, उज्मा खान और नूरीन नियाजी की गिरफ्तारी तथा उनकी हिरासत बढ़ाए जाने से राजनीतिक तनाव और गहरा गया। परिवार के सदस्यों और पार्टी समर्थकों ने इमरान खान तक पहुंच सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन
पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में इमरान खान की रिहाई के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन जारी रहने की खबरें हैं। प्रदर्शनकारी उनकी तत्काल रिहाई के साथ जेल में परिवार और वकीलों से मुलाकात की अनुमति तथा उनकी पसंद के चिकित्सकों से इलाज कराने की मांग कर रहे हैं। इस बीच, पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक अस्थिरता को लेकर भी बहस तेज है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के समर्थक सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि सरकार कानून और न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई किए जाने की दलील देती है।
सरकार ने आरोपों को किया खारिज
पाकिस्तानी सरकार ने इमरान खान के साथ दुर्व्यवहार और उन्हें पूरी तरह एकांत में रखे जाने के आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री को कानून के मुताबिक सुविधाएं और चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा रही हैं। सुलेमान खान के ताजा आरोपों ने पाकिस्तान में राजनीतिक बंदियों के अधिकारों, जेल में चिकित्सा सुविधाओं और न्यायालय के आदेशों के अनुपालन पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
