नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली का आयोजन किया गया। इस रैली में विपक्षी दलों के हजारों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। रैली के दौरान पूरे इलाके में राजनीतिक नारों और पार्टी के झंडों के साथ भारी भीड़ देखने को मिली।
इस महारैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हुए।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
INDIA गठबंधन ने यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों को लेकर आयोजित की। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
रैली से पहले मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के पास से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला गया। इस दौरान कई वरिष्ठ नेता खुले वाहन में सवार होकर समर्थकों के साथ आगे बढ़े।
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, इस रैली के जरिए INDIA गठबंधन ने अपनी एकजुटता और राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया।
