सर सैयद-मौलाना आज़ाद की विरासत को समर्पित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन, शिक्षा के योगदान पर डॉ. यूसुफ आज़म को अवॉर्ड

हैदराबाद: शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान देने वाले दो महान शख़्सियत सर सैयद अहमद खान और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की संयुक्त जयंती के अवसर पर हैदराबाद में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान दोनों महान विभूतियों के विचारों, शैक्षिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आज़ान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. मोहम्मद यूसुफ आज़म को प्रतिष्ठित ‘मशाल-ए-सर सैयद अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सदा-ए-अदब के तत्वावधान में दबीर मैगज़ीन और दक्कन लिटरेरी सोसाइटी के सहयोग से आज़ान इंटरनेशनल स्कूल में इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय ‘सर सैयद और मौलाना आज़ाद: सुधार एवं राष्ट्र निर्माण’ रखा गया था।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दोनों महान शिक्षाविदों के शैक्षिक दर्शन, सामाजिक सुधार के प्रयासों और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करना था। सम्मेलन में शामिल विद्वानों ने कहा कि सर सैयद अहमद खान और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने शिक्षा को सामाजिक और राष्ट्रीय विकास का महत्वपूर्ण आधार माना था।

विद्वानों ने आगे कहा कि, उनके विचारों ने समाज में शैक्षिक चेतना विकसित करने और सुधारवादी दृष्टिकोण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं।

उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से लगभग 30 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शोधकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिली। लंदन से डॉ. दानिश खान, ताशकंद से डॉ. मुबश्शिर जमाल और अलीगढ़ से डॉ. नावेद यासिर ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

 

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