डॉ. मुहम्मद सुल्तान: पैरों से लिखकर PhD हासिल करने से लेकर यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर के काउंसलर बनने तक का कामयाब सफ़र

जम्मू-कश्मीर के डॉ. मुहम्मद सुल्तान ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। दोनों हाथ न होने के बावजूद उन्होंने कभी अपनी शारीरिक चुनौती को शिक्षा के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया।

डॉ. मुहम्मद सुल्तान ने अपने पैरों से लिखकर उच्च शिक्षा हासिल की और पीएचडी (PhD) की डिग्री पूरी की। इसके साथ ही उन्होंने यूजीसी नेट (UGC NET) परीक्षा भी सफलतापूर्वक पास की।


आज वह कश्मीर यूनिवर्सिटी में काउंसलर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि मजबूत इरादों और लगातार मेहनत से मुश्किल से मुश्किल लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। अपनी शिक्षा और अटूट दृढ़ संकल्प के बल पर आज वह कश्मीर यूनिवर्सिटी में एक पेशेवर काउंसलर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वहां वे अन्य दिव्यांग और सामान्य छात्रों को करियर व जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

डॉ. मुहम्मद सुल्तान की कहानी न केवल युवाओं के लिए बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।

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