मिशिगन: अमेरिका की राजनीति में इतिहास रचते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार डॉ. अब्दुल एल-सईद ने मिशिगन से अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीत लिया है। 42 वर्षीय अब्दुल एल-सईद अमेरिकी इतिहास में सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बन गए हैं। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व अमेरिकी सांसद माइक रोजर्स को हराया।
अब्दुल अल-सैयद ने मिशिगन में अमेरिकी सीनेट सीट जीतकर इतिहास रच दिया है, वे अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं।
4 नवंबर को अमेरिकी चुनाव परिणामों पर नजर रखने वाली संस्था Decision Desk HQ ने अब्दुल एल-सईद की जीत की घोषणा की। एसोसिएटेड प्रेस और रॉयटर्स ने भी उनकी जीत की पुष्टि की है। हालांकि, चुनाव परिणामों का आधिकारिक प्रमाणीकरण अलग प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
चुनावी आंकड़ों के अनुसार, अब्दुल एल-सईद को 18,97,833 वोट यानी 50.88 प्रतिशत मत मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी माइक रोजर्स को 17,58,007 वोट यानी 47.14 प्रतिशत मत हासिल हुए।

कौन हैं अब्दुल अल-सईद?
अब्दुल रहमान मोहम्मद एल-सईद मिस्र मूल के अमेरिकी नेता हैं। उनका जन्म मिशिगन में हुआ था। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल की है।
राजनीति में आने से पहले वे सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने डेट्रॉइट के स्वास्थ्य विभाग के निदेशक और वेन काउंटी के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है।

चुनाव अभियान के प्रमुख मुद्दे
अब्दुल एल-सईद ने अपने चुनाव प्रचार में सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं, ‘मेडिकेयर फॉर ऑल’, आम नागरिकों के अधिकारों और चुनाव में बड़े कॉरपोरेट चंदे के प्रभाव को कम करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी थी।
उनकी जीत को अमेरिकी राजनीति में मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। इस जीत के साथ अमेरिकी सीनेट में पहली बार किसी मुस्लिम प्रतिनिधि के पहुंचने का रास्ता साफ हुआ है।
