लाहौर: भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से बंद पड़े व्यापार को फिर से शुरू करने की मांग पाकिस्तान के कारोबारी समुदाय में तेज हो गई है। पाकिस्तान-इंडिया बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष नूर मोहम्मद कासूरी ने दावा किया है कि भारत के साथ व्यापारिक संबंध बंद होने के बाद से पाकिस्तान को करीब 40 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है।
2 नवंबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, कासूरी ने दोनों देशों की सरकारों से व्यापारिक संबंध बहाल करने की अपील की है। उनका कहना है कि भारत के साथ कारोबार दोबारा शुरू होने से दोनों देशों के व्यापारियों को फायदा हो सकता है।
दवाइयों और कच्चे माल की बढ़ी लागत
कासूरी के मुताबिक, भारत से व्यापार बंद होने के कारण पाकिस्तान के कारोबारियों को जरूरी कच्चा माल और अन्य सामान दूसरे देशों से मंगाना पड़ रहा है। इससे परिवहन, माल ढुलाई और आयात की लागत बढ़ गई है।
उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान का दवा उद्योग भारतीय कच्चे माल पर निर्भर रहा है। भारत से दवा उद्योग के लिए जरूरी सामग्री मिलने पर पाकिस्तान को हर साल 2 से 3 अरब डॉलर तक की बचत हो सकती है।
कपड़ा उद्योग पर भी पड़ा असर
पाकिस्तान के कपड़ा उद्योग को भी व्यापार बंद होने का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कासूरी के अनुसार, देश में कपास का उत्पादन घटने के कारण कपड़ा मिलों को ब्राजील, मिस्र, चीन और अमेरिका जैसे देशों से कपास खरीदनी पड़ रही है।
उन्होंने दावा किया कि इससे कपड़ा उद्योग पर करीब 5 अरब डॉलर का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। पाकिस्तान के पारंपरिक कपास उत्पादक क्षेत्रों में किसान कपास की जगह गन्ने की खेती की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे कपड़ा उद्योग की मुश्किलें और बढ़ी हैं।
इन क्षेत्रों में भी व्यापार बहाली की मांग
कासूरी ने कहा कि भारत से व्यापार दोबारा शुरू होने पर पाकिस्तान को चीनी, खाद, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, लोहा, इस्पात, सब्जियां और भारी मशीनरी जैसे सामान कम लागत पर मिल सकते हैं।
उनके मुताबिक, भारत के साथ व्यापार बहाल होने से परिवहन खर्च कम होगा और जरूरी सामान की आपूर्ति भी तेजी से हो सकेगी। इससे निवेश, पर्यटन और क्षेत्रीय सहयोग के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
2019 से बंद हैं दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध
गौरतलब है कि फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के व्यापारिक संबंधों में गिरावट आई थी। अगस्त 2019 में पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार निलंबित कर दिया था। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया तथा व्यापार पर और प्रतिबंध लगाए गए।
40 अरब डॉलर के नुकसान का आंकड़ा पाकिस्तान-इंडिया बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष का अनुमानित दावा है। इसे किसी स्वतंत्र रूप से सत्यापित आधिकारिक आर्थिक आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
