इजरायल में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बड़ा झटका देते हुए दो अरब पार्टियों ने विपक्षी नेता और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइज़ेनकोट को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का ऐलान किया है।
5 नवंबर को अरब गठबंधन जॉइंट लिस्ट और अरब पार्टी राम (Ra’am) ने राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग के सामने आइज़ेनकोट के नाम की सिफारिश की। इसके बाद उन्हें 120 सदस्यीय संसद में सरकार बनाने के लिए 67 सांसदों का समर्थन मिल गया है। बहुमत के लिए 61 सांसदों की जरूरत है।
नेतन्याहू का समर्थन कमजोर
चुनाव में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन उनके गठबंधन को केवल 53 सीटें मिलीं। वहीं, नेतन्याहू विरोधी दलों को 48 सीटें मिलीं। अरब पार्टियों ने कुल 19 सीटें जीतकर सरकार गठन में अहम भूमिका हासिल कर ली है।

रविवार को होगा बड़ा फैसला
इजरायल के राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग रविवार को सरकार बनाने के लिए किसी उम्मीदवार को औपचारिक जिम्मेदारी सौंप सकते हैं। फिलहाल आइज़ेनकोट इस दौड़ में आगे हैं।
हालांकि, अरब पार्टियों का समर्थन मिलने का मतलब यह नहीं है कि वे सरकार में शामिल भी होंगी। उन्होंने बाहर से समर्थन देने की इच्छा जताई है।
