अमेरिका के लॉस एंजेलिस में भारतीय मूल की नित्या रमन ने मेयर पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने मौजूदा मेयर करेन बास को हराकर यह जीत हासिल की। नित्या रमन की जीत के बाद उनकी तुलना न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी से की जा रही है। दोनों नेताओं की पहचान प्रगतिशील राजनीति, किफायती आवास और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने के लिए है।
नित्या रमन ने साल 2020 में लॉस एंजेलिस की सिटी काउंसिल का चुनाव जीतकर राजनीति में अपनी पहचान बनाई थी। वह इस काउंसिल में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बनीं। 2024 में वह दूसरी बार भी काउंसिल के लिए चुनी गईं।
राजनीति में आने से पहले वह सामाजिक कार्यों और बेघर लोगों की मदद से जुड़े अभियानों में सक्रिय थीं। उन्होंने SELAH Neighborhood Homeless Coalition की सह-स्थापना भी की थी।

ज़ोहरान ममदानी से क्यों हो रही है तुलना?
नित्या रमन और न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी की तुलना के पीछे कई वजहें हैं।
- प्रगतिशील राजनीति: दोनों नेताओं को डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट राजनीति से जोड़ा जाता है।
- किफायती आवास: दोनों ने आम लोगों के लिए सस्ते और बेहतर आवास उपलब्ध कराने को प्रमुख मुद्दा बनाया है।
- आम लोगों के मुद्दे: दोनों की राजनीति में कामकाजी वर्ग, किरायेदारों और मध्यम आय वाले परिवारों से जुड़े सवाल अहम हैं।
- राजनीतिक बदलाव: दोनों ने पारंपरिक राजनीतिक नेतृत्व को चुनौती देकर अपनी पहचान बनाई है।
हालांकि, दोनों की राजनीतिक परिस्थितियां और डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट संगठन के साथ उनके संबंध एक जैसे नहीं हैं।

लॉस एंजेलिस के मेयर चुनाव में नित्या रमन ने मौजूदा मेयर करेन बास को हराया।
उम्मीदवार वोट प्रतिशत
नित्या रमन 52%
करेन बास 48%
5 नवंबर 2026 को करेन बास ने अपनी हार स्वीकार कर ली। नित्या रमन 2005 के बाद लॉस एंजेलिस में किसी मौजूदा मेयर को हराने वाली पहली चुनौती देने वाली उम्मीदवार बनीं।
मेयर के रूप में क्या हैं उनकी प्राथमिकताएं?
नित्या रमन ने अपने चुनावी अभियान में कई अहम मुद्दों को उठाया है:
~शहर में किफायती मकानों का निर्माण बढ़ाना।
~बेघर लोगों की समस्या का समाधान करना।
~सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार।
~पार्क और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार।
~कामकाजी परिवारों के लिए सुरक्षित और बेहतर शहर बनाना।
उनकी योजना हर साल बनने वाले मकानों की संख्या को तीन गुना करने की भी है।
इस जीत के साथ नित्या रमन अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल की एक और प्रमुख महिला नेता के रूप में उभरी हैं। उनकी जीत और ज़ोहरान ममदानी की राजनीति के बीच समानताओं ने अमेरिकी शहरों में प्रगतिशील राजनीति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
