अनंतनाग की “कीवी गर्ल” गौहर जबीन: शिक्षा, नवाचार और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले की गौहर जबीन, जिन्हें लोग स्नेहपूर्वक “कीवी गर्ल” के नाम से जानते हैं, ने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा और संकल्प के मेल से सफलता की कोई सीमा नहीं होती।

एम.एससी (अर्थशास्त्र) की डिग्री प्राप्त करने के बाद गौहर ने पारंपरिक रोजगार की राह छोड़ कृषि उद्यमिता को अपना करियर बनाया। उन्होंने अनंतनाग के डब्रुना अशाजिपोरा क्षेत्र में लगभग एक कनाल भूमि पर “Green Posh Nursery Unit” की स्थापना की, जहाँ आज सैकड़ों कीवी पौधे पनप रहे हैं।

वर्तमान में उनकी नर्सरी में 300 से 400 मेल और फीमेल कीवी पौधे उपलब्ध हैं, जिनकी मांग स्थानीय किसानों और बागवानों के बीच तेजी से बढ़ रही है। गौहर के अनुसार, एक कीवी पौधों की जोड़ी (मेल + फीमेल) की कीमत ₹300 से ₹500 के बीच होती है, जबकि स्थानीय बाजार में एक कीवी फल ₹30–₹40 तक बिक रहा है। इससे यह स्पष्ट है कि कीवी की खेती आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है।

गौहर का उद्देश्य केवल व्यावसायिक सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के किसानों और युवाओं को आधुनिक कृषि पद्धतियों और उद्यमशीलता की ओर प्रेरित करना भी है। वह प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर किसानों को कीवी की खेती से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं, जिससे अनंतनाग की कृषि विविधता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

गौहर जबीन की पहल यह दर्शाती है कि जब शिक्षा, नवाचार और दृढ़ इच्छाशक्ति एक साथ आते हैं, तो परिवर्तन अनिवार्य हो जाता है। “Green Posh Nursery Unit” के माध्यम से गौहर जबीन ने यह सिद्ध किया है कि अगर सोच सकारात्मक हो और उद्देश्य स्पष्ट, तो हर बीज सफलता का प्रतीक बन सकता है।

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