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गाज़ा शहर में हुए एक इज़राइली हवाई हमले ने दुनिया को झकझोर दिया। यह हमला अल-शिफ़ा अस्पताल के बाहर बने मीडिया टेंट पर किया गया, जहां अल जज़ीरा के वरिष्ठ संवाददाता अनस अल-शरीफ़ अपने साथियों के साथ रिपोर्टिंग कर रहे थे। इस हमले में अनस अल-शरीफ़ समेत पाँच पत्रकार और कुल 12 लोगों की मौत हो गई। मारे गए अन्य पत्रकारों में इब्राहिम ज़हर, मोहम्मद नौफल और मोआमेन अलिवा शामिल हैं।
इज़राइली रक्षा बल (IDF) ने दावा किया कि अनस अल-शरीफ़ हमास से जुड़े थे, लेकिन अल जज़ीरा और कई पत्रकार संगठनों ने इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया गया।
हमले के बाद गाज़ा समेत कई जगहों पर शोक और विरोध प्रदर्शन हुए। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून का गंभीर उल्लंघन बताया।
यह घटना युद्धग्रस्त इलाक़ों में पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की आज़ादी पर गंभीर सवाल उठाती है।
