गाज़ा पर इज़राइल की योजना पर यूरोप का प्रहार, आठ देशों ने जताई कड़ी आपत्ति

आठ यूरोपीय देशों ने गाज़ा पर हमले तेज़ करने और उसे अपने में मिलाने की इज़राइल की योजना की कड़ी निंदा की है। आइसलैंड, आयरलैंड, लक्ज़मबर्ग, माल्टा, नॉर्वे, पुर्तगाल, स्लोवेनिया और स्पेन के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा कि यह फैसला मानवीय संकट को और गंभीर बना देगा और इज़रायली हिरासत में मौजूद फ़िलिस्तीनी कैदियों की जान को खतरा बढ़ा देगा।

इन देशों ने साफ़ किया कि फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में किसी भी तरह का जनसांख्यिकीय बदलाव अस्वीकार्य है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उनका कहना है कि गाज़ा, पश्चिमी तट और पूर्वी यरुशलम फ़िलिस्तीनी राज्य का हिस्सा हैं और इज़राइल की योजना दो-राज्य समाधान के रास्ते में बड़ी बाधा बनेगी।

यूरोपीय संघ की समानता और संकट प्रबंधन आयुक्त हाजा लाहबीब ने चेतावनी दी कि इज़राइल का फैसला पहले से ही गंभीर हालात को और बिगाड़ देगा। उन्होंने तत्काल युद्धविराम, सभी कैदियों की बिना शर्त रिहाई और गाज़ा में बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता पहुँचाने की मांग की।

इससे पहले जर्मनी, ब्रिटेन, इटली, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड समेत कई देशों ने भी इज़राइल के इस कदम की आलोचना की थी, इसे नागरिकों की जबरन बेदखली और ज़मीन पर कब्ज़े जैसा अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया था।

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