सफ़ना नज़रुद्दीन इस बात की मिसाल हैं कि अगर इंसान पूरी लगन से सपने देखे और उनके लिए मेहनत करे, तो कोई मंज़िल मुश्किल नहीं होती। उनका सपना था समाज में बदलाव लाना और इसके लिए उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा को चुना।
साल 2020 में सफ़ना ने यूपीएससी परीक्षा में पूरे भारत में 45वां स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। सिर्फ़ 23 साल की उम्र में वह केरल की सबसे कम उम्र की मुस्लिम महिला आईएएस अधिकारी बनीं। उनकी इस कामयाबी ने न सिर्फ़ उनके परिवार, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का काम किया।
सफ़ना की सफलता यह साबित करती है कि उम्र और हालात कभी रुकावट नहीं बनते, अगर इरादा पक्का हो और मेहनत सच्चे दिल से की जाए। आज वह लाखों नौजवानों, ख़ासकर लड़कियों के लिए रोल मॉडल हैं।
