कट्टरपंथ के बढ़ते प्रभाव से बांग्लादेश की लोकतांत्रिक विरासत को ख़तरा: MYO

नई दिल्ली, 22 दिसंबर 2025. शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में जिस प्रकार से हिंसा, अराजकता और कट्टरपंथी गतिविधियों में तेज़ी आई है, उस पर मुस्लिम यूथ ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (MYO) गहरी चिंता और गंभीर असंतोष व्यक्त करता है। विशेष रूप से मीडिया संस्थानों, सांस्कृतिक केंद्रों और अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाया जाना किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक संकेत है।

MYO का मानना है कि यह घटना बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की प्रशासनिक कमज़ोरियों और कट्टरपंथी तत्वों के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को उजागर करती है। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने में स्पष्ट असफलता दिखाई दे रही है, जिसका सीधा नुकसान आम नागरिकों, युवाओं, अल्पसंख्यकों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को उठाना पड़ रहा है।

मुस्लिम यूथ ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया यह स्पष्ट रूप से दोहराता है कि धर्म-आधारित कट्टर राजनीति न तो स्थिरता ला सकती है और न ही विकास। दक्षिण एशिया का अनुभव विशेषकर (पाकिस्तान का) यह बताता है कि जब धर्म को सत्ता का औज़ार बनाया जाता है, तो परिणामस्वरूप आर्थिक बदहाली, राजनीतिक अस्थिरता, उग्रवाद और अंतरराष्ट्रीय अलगाव जैसी समस्याएँ गहराती हैं। बांग्लादेश को अपने मुक्ति संग्राम की लोकतांत्रिक और समावेशी विरासत को कमज़ोर नहीं होने देना चाहिए।

MYOI यह अपेक्षा करता है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार
कानून-व्यवस्था बहाल करे, मीडिया और सांस्कृतिक संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करे, और वर्ष 2026 में प्रस्तावित आम चुनाव पूर्णतः स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराए, ताकि देश को एक जवाबदेह और जन-समर्थित सरकार मिल सके।

साथ ही, MYO भारत के संदर्भ में भी यह स्पष्ट करना चाहता है कि बांग्लादेश के घटनाक्रम को लेकर देश के भीतर दक्षिण पंथी ताकतों द्वारा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण फैलाने या राजनीतिक लाभ उठाने की किसी भी कोशिश की वह कड़ी निंदा करता है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में भय और नफरत का माहौल बनाने की कोशिशें भारत की लोकतांत्रिक परंपरा के विरुद्ध हैं। MYO भारत के युवाओं और नागरिकों से अपील करता है कि वे ऐसे भ्रामक और विभाजनकारी प्रयासों का शिकार न बनें।
मुस्लिम यूथ ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया यह विश्वास करता है कि दक्षिण एशिया की शांति, सुरक्षा और प्रगति केवल लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों, नागरिक समानता और कट्टरपंथ के सख़्त विरोध से ही संभव है।

राष्ट्रीय कार्य समिति
मुस्लिम यूथ ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया

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