संघर्षविराम के साए में भी गाज़ा लहूलुहान, अल-मघाज़ी कैंप पर इज़राइली हवाई हमला

गाज़ा पट्टी में घोषित संघर्षविराम के बावजूद हमेशा की तरह आम फ़िलिस्तीनी नागरिकों पर हमले लगातार जारी हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, शुक्रवार को मध्य गाज़ा के अल-मघाज़ी शरणार्थी शिविर में इज़राइली हवाई हमले ने एक बार फिर मासूम लोगो को निशाना बनाया।

इस हमले में वलीद हसन दरविश और यासिर मोहम्मद अबू शाहादा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य नागरिक घायल हो गए। स्थानीय रिपोर्टर के अनुसार, इज़राइली युद्धक विमानों ने शिविर में मौजूद नागरिकों के एक समूह को सीधे निशाना बनाया। हमले यहीं नहीं रुके। गाज़ा सिटी के तट पर इज़राइली युद्धपोतों ने फ़िलिस्तीनी मछुआरों की नावों का पीछा किया और उन पर गोलियां चलाईं। वहीं, रफ़ाह शहर में इज़राइली हेलीकॉप्टरों ने फायरिंग की और कई हवाई हमले किए।

इज़राइली सेना ने दावा किया कि उसने रफ़ाह में एक सुरंग से निकलते हुए आठ हथियारबंद लोगों को देखा और कहा कि उनमें से तीन मारे गए, जबकि अन्य को निशाना बनाया गया। हालांकि, इस दावे की फ़िलिस्तीनी स्रोतों से कोई पुष्टि नहीं हुई है। इसी दौरान, इज़राइली ज़मीनी बलों ने दक्षिणी गाज़ा के ख़ान यूनिस के पूर्वी इलाक़ों में भी गोलीबारी की। इससे एक दिन पहले, गुरुवार को, इज़राइली फायरिंग में तीन और फ़िलिस्तीनी नागरिकों की जान चली गई, जिनमें दो ख़ान यूनिस और एक अल-मघाज़ी कैंप में मारा गया।

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इज़राइली सेना ने रफ़ाह में रिहायशी इमारतों को ध्वस्त किया, जबकि टैंकों ने मोराग एक्सिस के उत्तर, ख़ान यूनिस के पूर्वी इलाक़ों और पूर्वी गाज़ा सिटी की ओर भारी गोलाबारी की। संघर्षविराम समझौते की शुरुआत से अब तक, इज़राइली उल्लंघनों में 513 फ़िलिस्तीनियों की मौत और 1,356 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।

वहीं, 7 अक्टूबर 2023 से जारी इज़राइली युद्ध में अब तक 71,667 से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 1,71,343 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। गाज़ा की लगभग 90 प्रतिशत नागरिक अवसंरचना तबाह हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़, गाज़ा के पुनर्निर्माण पर अनुमानित 70 अरब डॉलर की लागत आएगी।

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