रमदान शान्ति, करुणा और एकजुटता का मौक़ा, यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, दुनिया भर में जारी युद्ध, विस्थापन और मानवीय संकट के बीच, रमदान के अवसर पर शान्ति, करुणा और एकजुटता का सन्देश दिया है. उन्होंने वैश्विक हालात पर चिन्ता जताते हुए कहा कि आज भी मानव परिवार का एक बड़ा हिस्सा भय, भूख और असुरक्षा के साए में जीने को मजबूर है.

यूएन प्रमुख ने कहा है कि “दुनिया भर के मुसलमानों के लिए रमदान का पवित्र महीना, आत्मचिन्तन और इबादत का एक पावन समय होता है. रमदान आशा और शान्ति के एक उच्च आदर्श का भी प्रतीक है.”

“लेकिन मानव परिवार के बहुत से सदस्यों के लिए यह आदर्श अब भी दूर की कौड़ी बना हुआ है. अफ़ग़ानिस्तान से यमन तक, ग़ाज़ा से सूडान तक और उससे भी आगे — लोग युद्ध, भूख, विस्थापन, भेदभाव और अनेक पीड़ाओं का सामना कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा कि आज के कठिन और विभाजित दौर में रमदान का स्थाई सन्देश और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है

एकजुटता की अपील

यूएन प्रमुख ने इन कठिन और विभाजित दौरों में, विभाजनों को पाटने के लिए, पीड़ा झेल रहे लोगों तक मदद और उम्मीद पहुँचाने के लिए, और हर व्यक्ति के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करने के लिए एकजुट होने की अपील की.

उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव का ज़िक्र करते हुए कहा कि “हर वर्ष, मैं विशेष रूप से एकजुटता प्रकट करने के लिए एक मुस्लिम समुदाय के पास जाता हूँ और सौम यानि दैनिक व्रत में शिरकत करता हूँ…और हर बार, रमदान की शान्ति और करुणा की भावना मुझे आश्वस्त और प्रेरित करती है.”

उन्होंने दुनिया भर के लोगों से शान्ति और न्याय के लिए मिलकर आगे बढ़ने की अपील की: “मेरी कामना है कि यह पवित्र महीना हमें एकजुट होकर सभी लोगों के लिए एक अधिक शान्तिपूर्ण, उदार और न्यायपूर्ण दुनिया के निर्माण की दिशा में काम करने की प्रेरणा दे.”

Source : UN News Hindi

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