ग़ाज़ा: मेडिकल कारणों से मरीज़ों को बाहर भेजने के लिए, रफ़ाह सीमा चौकी को खोला गया

ग़ाज़ा पट्टी में आवाजाही के लिए अहम, रफ़ाह सीमा चौकी को आंशिक रूप से फिर से खोला गया है, ताकि सीमित संख्या में उन फ़लस्तीनियों को बेहतर इलाज के लिए बाहर भेजा जा सके, जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में पर्याप्त उपचार नहीं मिल पा रहा है. आपात राहत में समन्वय के लिए यूएन कार्यालय (OCHA) ने गुरूवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि उसी संख्या में लोगों को ग़ाज़ा वापिस लौटने की अनुमति भी दी गई है.

मिस्र की सीमा से लगे हुए इलाक़े, रफ़ाह में यह एकमात्र चौकी है, जोकि गम्भीर रूप से बीमार फ़लस्तीनियों के लिए एक जीवनरेखा है. इसी रास्ते से होकर उन्हें बेहतर इलाज के लिए यहाँ से बाहर ले जाया जा सकता है.

यूएन मानवीय सहायता अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा है कि वर्तमान संकट की व्यापकता को देखते हुए, इस मार्ग से और अधिक संख्या में लोगों को जाने की अनुमति देना आवश्यक है.

OCHA की प्रवक्ता ओल्गा चेरेवको ने लोगों के आवागमन के साथ-साथ मानवीय और व्यवसायिक सामान की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया है.

गम्भीर मानवीय संकट

उन्होंने कहा कि “ग़ाज़ा में मानवीय संकट बेहद गम्भीर बना हुआ है और लोगों की स्थिति बहुत दयनीय हैं. हम अब भी अनेक अड़चनों का सामना कर रहे हैं, जो हमें उस गति से मानवीय सहायता और सेवाएँ पहुँचाने से रोक रही हैं जैसी हम चाहते हैं.”

“इन अड़चनों के कारण ज़रूरतें बहुत बड़ी हैं…हमारी प्रतिक्रिया क्षमता से भी कहीं अधिक हैं.”

यूएन एजेंसी के अनुसार, उन वस्तुओं पर कड़े प्रतिबन्ध लगाए गए हैं जिन्हें इसराइली अधिकारियों ने दोहरे प्रयोजन वाली वस्तुएँ माना है, जिनमें लकड़ी, कुछ चिकित्सा सामग्री, आश्रय स्थलों की मरम्मत के लिए उपकरण, सीमेंट, मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी शामिल हैं.

स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रभावित

ओल्गा चेरेवको ने बताया कि “स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अब भी बहुत प्रभावित है. केवल लगभग 40 प्रतिशत स्वास्थ्य सुविधाएँ संचालित हैं और उनमें से अधिकाँश केवल आंशिक रूप से ही कार्य कर रही हैं.”

उनके अनुसार, इसी तरह अन्य बुनियादी ढाँचे व सेवाओं पर भी यही स्थिति लागू होती है, जिसमें पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य (WASH) प्रणालियाँ शामिल हैं, जिन्हें पुनर्स्थापित किया जाना ज़रूरी है.

मगर, इन्हें ठीक करने के लिए आवश्यक उपकरण, मशीनरी और स्पेयर पार्ट्स भी उन वस्तुओं की सूची में शामिल हैं जिन पर कड़े प्रतिबन्ध हैं.

“इसलिए, हमें इन बाधाओं को हटाना होगा. हमें तेज़, सुरक्षित, सतत और बिना किसी अवरोध के पहुँच की आवश्यकता है ताकि हम बड़े पैमाने पर लोगों तक सहायता पहुँचा सकें और अपनी क्षमता से भी तेज़ी से काम बढ़ा सकें.”

यूएन अधिकारी ने कहा कि ग़ाज़ा में सक्रिय अन्तरराष्ट्रीय ग़ैर-सरकारी संगठन और अन्य सहायता एजेंसियों पर लगाए गए प्रतिबन्ध भी हटाए जाने चाहिए, ताकि मानवतावादी सहायता प्रदान की जाए और सबसे ज़रूरतमन्द लोगों तक मदद पहुँच सकें.

Source : UN News

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