लेबनान: 2 हज़ार से अधिक आम नागरिकों की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

युद्ध के कारण लेबनान में मानवीय हालात बेहद गम्भीर हैं, जहाँ मार्च की शुरुआत से अब तक 2 हज़ार से अधिक लोगों के मारे जाने की ख़बर है, स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित हैं और गर्भवती महिलाओं समेत कमज़ोर वर्गों की स्थिति को लेकर चिन्ता बढ़ रही है. इस बीच, इसराइली सैन्य बल ने, लेबनान की ज़हरानी नदी के दक्षिण में रहने वाले समुदायों के लिए फिर तत्काल निकासी का आदेश जारी किया है.

मध्य पूर्व में तनाव अब भी बना हुआ है, क्योंकि हाल ही में हुई वार्ताओं के एक दिन बाद भी लेबनान में इसराइली सैन्य अभियान जारी हैं.

इसराइली बल (IDF) के एक कर्नल ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म X पर अरबी भाषा में यह “तत्काल चेतावनी” जारी की, जिसमें हिज़्बुल्लाह लड़ाकों के विरूद्ध हवाई हमलों की घोषणा की गई है.

आदेश में कहा गया है कि दक्षिण लेबनान के लोग तुरन्त अपने घर खाली करें और ज़हरानी नदी के उत्तर की ओर चले जाएँ.

ज़हरानी नदी, लितानी नदी के उत्तर में स्थित है, जो युद्ध के पिछले चरणों में एक अहम सन्दर्भ रेखा रही है.

वॉशिंगटन डीसी में हुई बैठक

लेबनान के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष समन्वयक जेनिन हेन्निस-प्लासखार्ट ने लेबनान और इसराइल के बीच हुई बैठक का स्वागत किया है और इसे जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम बताया है.

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यह बैठक मंगलवार को वॉशिंगटन डीसी में हुई, जो लगभग तीन दशकों में दोनों देशों के बीच पहला सीधा सम्पर्क था. इन वार्ताओं में अमेरिका ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई.

हेन्निस-प्लासखार्ट ने उम्मीद जताई कि इस पहल से धीरे-धीरे गति बनेगी, जिससे युद्ध के चक्र को तोड़ा जा सकेगा और सभी के लिए स्थाई स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा.

इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त बरहम सालीह ने इसराइल-हिज़्बुल्लाह के बीच जारी हमलों के कारण लेबनान में बढ़ती मानवीय ज़रूरतों पर चिन्ता जताई है और अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से लगातार समर्थन की अपील की है.

दूरसंचार नैटवर्क प्रभावित

लेबनान का दूरसंचार नैटवर्क राष्ट्रीय स्तर पर अब भी काम कर रहा है, लेकिन जारी युद्ध के दबाव में यह लगातार कमज़ोर होता जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के नेतृत्व वाले लॉजिस्टिक्स और दूरसंचार समूह के अनुसार, बुनियादी ढाँचे को नुक़सान, ईंधन पर निर्भरता और लम्बे समय से जारी वित्तीय दबाव संचार-सम्पर्क के लिए जोखिम बढ़ा रहे हैं.

दक्षिणी लेबनान में किए गए आकलनों से पता चला है कि प्रभावित समुदायों के बीच विश्वसनीय संचार, बिजली और जानकारी तक पहुँच अब भी असमान बनी हुई है.

वहीं, मानवीय टीमों ने राहत कार्यों के लिए सैटेलाइट आधारित संचार प्रणालियों की मंजू़री की भी मांग की है, और असुरक्षित व दुर्गम क्षेत्रों में समन्वय बनाए रखने तथा जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने के लिए उनकी अहमियत पर बल दिया है.

स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले

लेबनान में जारी युद्ध के बीच स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले लगातार जारी हैं, जिससे जीवनरक्षक सेवाओं तक पहुँच को लेकर गम्भीर चिन्ता बढ़ गई है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, युद्ध बढ़ने के बाद से अब तक स्वास्थ्य सुविधाओं और कर्मियों पर 133 हमले हुए हैं, जिनमें कम से कम 87 लोगों की मौत हुई है और लगभग 200 स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए हैं.

इन चुनौतियों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएँ जारी हैं, जहाँ हज़ारों विस्थापित लोगों को दवाएँ व टीकाकरण उपलब्ध कराया गया है.

हालाँकि, व्यवधान अब भी बने हुए हैं. अनेक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बन्द हैं और अस्पतालों पर भारी दबाव है, ख़ासकर आपातकालीन और गहन देखभाल सेवाओं में.

विस्थापित गर्भवती महिलाओं को लेकर भी चिन्ता बढ़ रही है, क्योंकि भीड़भाड़ वाले आश्रयों, ख़राब स्वच्छता और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुँच के कारण उनके लिए जोखिम बढ़ गया है.

इस बीच, ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका द्वारा घोषित घेराबन्दी के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक व्यापार पर भी व्यापक असर की आशंका बढ़ गई है.

Source : UN News

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