नई दिल्ली : अगर आपका बच्चा पढ़ाई में फोकस नहीं कर पाता, चीजें जल्दी भूल जाता है या हमेशा थका हुआ महसूस करता है, तो इसके पीछे सिर्फ उसकी स्टडी हैबिट्स या रूटीन जिम्मेदार नहीं है। इसका एक बड़ा कारण बच्चे की डाइट और ‘ब्रेन न्यूट्रिशन’ भी हो सकता है।
दरअसल, हमारा दिमाग एक हाई-एनर्जी ऑर्गन है, जिसे लगातार सही पोषण की जरूरत होती है ताकि न्यूरॉन्स सही तरीके से काम कर सकें और मेमोरी मजबूत बनी रहे। सही न्यूट्रिशन दिमाग की मेमोरी और कंसंट्रेशन को नेचुरल तरीके से बेहतर बनाने में मदद करता है।
दिमाग के लिए क्यों जरूरी है दही ?
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, दही एक ऐसा फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट है जो बच्चों के दिमाग के लिए वरदान साबित हो सकता है। इसमें कई जरूरी न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं जो ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करते हैं:
विटामिन B12 और B2 (राइबोफ्लेविन): ये तत्व ब्रेन सेल्स की एनर्जी प्रोडक्शन और न्यूरोट्रांसमीटर फंक्शन में अहम भूमिका निभाते हैं। खासकर विटामिन B12 नर्वस सिस्टम के हेल्दी कामकाज और न्यूरॉन सिग्नलिंग को सपोर्ट करने के लिए बेहद जरूरी है।
प्रोटीन: यह ब्रेन सेल्स की रिपेयर और ग्रोथ में मदद करता है।
कैल्शियम: यह न्यूरॉन सिग्नल ट्रांसमिशन में जरूरी भूमिका निभाता है।
क्या है ‘गट-ब्रेन एक्सिस’ का कनेक्शन?
साइंस के एक बेहद जरूरी कॉन्सेप्ट “gut-brain axis” के अनुसार, हमारी आंतों की हेल्थ सीधे दिमाग के फंक्शन से जुड़ी होती है।
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (गुड बैक्टीरिया) आंतों के माइक्रोबायोम को बैलेंस करते हैं। जब गट हेल्दी होता है, तो सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर का प्रोडक्शन बेहतर होता है, जो सीधे तौर पर मूड, फोकस और लर्निंग कैपेसिटी (सीखने की क्षमता) को प्रभावित करता है।
इसके अलावा, प्रोबायोटिक्स शरीर में इंफ्लेमेशन (सूजन) को कम करते हैं, जिससे दिमाग ज्यादा एक्टिव और अलर्ट रहता है। यही वजह है कि हेल्दी गट माइक्रोबायोटा वाले बच्चों में कॉग्निटिव परफॉर्मेंस बेहतर पाया गया है।
कब और कैसे खिलाएं दही ?
बच्चों को दही देने का सबसे सही तरीका और समय निम्नलिखित है:-
सही समय: बच्चों को सुबह के नाश्ते में दही देना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस समय मेटाबॉलिज्म एक्टिव होता है और शरीर न्यूट्रिएंट्स का एब्जॉर्प्शन (अवशोषण) ज्यादा अच्छी तरह से करता है।
कैसे दें: बच्चों को बिना शुगर वाली सादा दही देना सबसे बेहतर है। आप चाहें तो इसका स्वाद बढ़ाने के लिए इसे फल, शहद या ओट्स के साथ मिलाकर भी दे सकते हैं।
