सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें एक ऊंची बहुमंजिला इमारत भीषण आग की लपटों में घिरी दिखाई दे रही है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालय पर बड़ा हमला किया है। वहीं, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इसे अमेरिकी एयरफोर्स द्वारा IRGC के मुख्यालय पर किए गए हमले का वीडियो भी बता रहे हैं।
क्या है वायरल दावा?
वीडियो साझा करते हुए Pushpraj sharma नामक यूजर ने लिखा, “इजरायल ने ईरान के तेहरान में IRGC मुख्यालय पर बहुत बड़ा हमला किया है। हमला इतना खतरनाक था कि IRGC का मुख्यालय तबाह हो गया है। पंडित बेंजामिन नेतन्याहू इज ऑन फायर“
वहीं Think Tank नामक यूजर ने इसे अमेरिकी एयरफोर्स द्वारा IRGC मुख्यालय पर हमले का वीडियो बताते हुए कैप्शन में लिखा, “अमेरिका के एयरफोर्स हमले में आईआरजीसी (IRGC) के तेहरान स्थित मुख्यालय ‘सार-अल्लाह मुख्यालय’ को निशाना बनाया है। मुख्य कमान सुविधा (कमांड फैसिलिटी) का यह जलता हुआ दृश्य है“
इसी तरह 𝐀𝐌𝐄𝐑𝐈𝐂𝐀𝐍 𝐅𝐎𝐑𝐂𝐄 नामक यूजर ने अंग्रेजी में पोस्ट करते हुए दावा किया, “BREAKING दोस्तों, मामला बहुत ज़्यादा बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने सीधे तेहरान में IRGC के मुख्य ‘सर-अल्लाह’ हेडक्वार्टर को निशाना बनाकर हमला किया है। खबर है कि मुख्य कमांड सेंटर अभी जल रहा है। अब इनकार करने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। ⚡ #Tehran #IRGC #Geopolitics“
फैक्ट चेक
Times Headline ने वायरल दावे की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि वीडियो का ईरान, IRGC मुख्यालय या इजरायल एवं अमेरिकी हमले से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो चीन के हुनान प्रांत के चांगशा शहर में वर्ष 2022 में लगी भीषण आग का है।
सच्चाई जानने के लिए वीडियो के प्रमुख फ्रेम निकालकर उन्हें रिवर्स इमेज सर्च के जरिए जांचा गया। इस दौरान यही वीडियो Hindustan Times के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 16 सितंबर 2022 को अपलोड मिला। वीडियो के शीर्षक में स्पष्ट उल्लेख है कि यह चीन के चांगशा शहर में स्थित एक गगनचुंबी इमारत में लगी आग की घटना का वीडियो है।
वीडियो के विवरण के अनुसार, आग 42 मंजिला इमारत में लगी थी, जिसमें सरकारी दूरसंचार कंपनी China Telecom का कार्यालय स्थित था। उस समय चीनी अधिकारियों ने बताया था कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली थी।
जांच के दौरान इस घटना से जुड़ी कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स भी मिलीं। CNN ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि चीन के हुनान प्रांत के चांगशा शहर में स्थित 42 मंजिला इमारत में भीषण आग लगी थी, जिस पर बाद में काबू पा लिया गया था और किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई थी।
इसी घटना पर The Guardian ने भी रिपोर्ट प्रकाशित की थी। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 218 मीटर ऊंची यह इमारत वर्ष 2000 में बनकर तैयार हुई थी और शहर के प्रमुख रिंग रोड के पास स्थित है। आग काफी भयावह थी, लेकिन किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली।

वहीं Business Standard ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि चांगशा के डाउनटाउन इलाके में स्थित 200 मीटर से अधिक ऊंची China Telecom इमारत की कई मंजिलें तेज़ी से आग की चपेट में आ गई थीं, जिससे आसमान में घना धुआं फैल गया था। हालांकि बाद में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया था।
दावे की पुष्टि के लिए Times Headline ने ईरानी पत्रकार जमीर जाफरी से भी संपर्क किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल के समय में ईरान में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है और वायरल दावा पूरी तरह झूठा है।
इसके अलावा ईरानी पत्रकार हसन ज़ैदी ने भी वायरल पोस्ट का खंडन करते हुए कहा, “यह भ्रामक सूचना है। तेहरान में ऐसी कोई इमारत नहीं है; हाँ, शहर के बीचों-बीच एक बैंक की इमारत ज़रूर है, जो इस डिज़ाइन से मिलती-जुलती है और अभी भी वहाँ मौजूद है।“
निष्कर्ष
Times Headline की जांच में यह दावा पूरी तरह भ्रामक साबित हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो न तो ईरान के IRGC मुख्यालय पर इजरायली हमले का है और न ही अमेरिकी एयरफोर्स की किसी कार्रवाई का। वास्तव में यह सितंबर 2022 में चीन के चांगशा शहर में स्थित China Telecom की इमारत में लगी भीषण आग का पुराना वीडियो है। ऐसे में सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है।



