संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी, IMO ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसके आसपास जहाज़ों पर रातभर हुए घातक हमलों की निन्दा की है. इन हमलों में कम से कम दो नाविक मारे गए. अमेरिका-ईरान युद्ध में बढ़ते तनाव के बीच मंगलवार सुबह नए हमलों की ख़बरें भी सामने आईं.
IMO के प्रवक्ता ने कहा, “हम नए हमलों को लेकर बेहद चिन्तित हैं.” उन्होंने बताया कि एजेंसी, इन हमलों से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पुष्टि के लिए सम्बन्धित अधिकारियों के साथ सम्पर्क में है.
प्रवक्ता ने कहा, “IMO इन हमलों की कड़ी निन्दा करता है. तनाव बढ़ने का यह सिलसिला समाप्त होना चाहिए.”
फ़रवरी के अन्त में इसराइल और अमेरिका ने ईरान के विरुद्ध व्यापक बमबारी अभियान शुरू किया था. इसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों पर हमले किए. तभी से IMO क्षेत्र के विभिन्न पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है.
हाल के दिनों में हमले तेज़ हो गए हैं. इससे जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत लागू नाज़ुक अन्तरिम युद्धविराम टूट गया है.
हिंसक टकराव शुरू होने के बाद से IMO, जलडमरूमध्य के बन्द होने के प्रभावों को कम करने के लिए कई प्रयास कर रहा है. इनमें इस अहम वाणिज्यिक जलमार्ग में फँसे जहाज़ों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए निकासी मार्ग स्थापित करना भी शामिल है. इस मार्ग से पहले तेल और प्राकृतिक गैस निर्यात का 20 प्रतिशत हिस्सा गुज़रता था.
संयम बरतने की अपील
IMO ने कहा कि सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए, तनाव बढ़ने से रोकना चाहिए तथा बातचीत की ओर लौटना चाहिए.
पिछले सप्ताह तनाव बढ़ने के बाद से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाज़ों पर कई हमले हो चुके हैं.
IMO के प्रवक्ता ने कहा, “हम सभी पक्षों से ऐसा रास्ता अपनाने का आग्रह करते हैं, जिससे नाविकों के जीवन और नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा हो तथा यह ख़तरनाक स्थिति और न बिगड़े.”
हमले तुरन्त रुकने चाहिए
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने मंगलवार को कहा, “होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बन्द किए जाने की ख़बरें बेहद चिन्ताजनक हैं, क्योंकि इसका मानवाधिकारों पर असर, इस क्षेत्र से कहीं दूर तक पड़ सकता है. यह एक अहम जीवनरेखा है, जिस पर लाखों लोग निर्भर हैं.”
उन्होंने कहा कि भोजन, दवाओं व अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में रुकावट से क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर गम्भीर सामाजिक-आर्थिक एवं मानवीय परिणाम हो सकते हैं. उन्होंने कूटनीति, संयम और तनाव कम करने के प्रयासों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया.
वोल्कर टर्क ने कहा कि ईरान और अमेरिका के कथित हमले “तुरन्त रुकने चाहिए.” उन्होंने तत्काल युद्धविराम की ओर लौटने और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के अनुरूप उसे लागू करने का आग्रह किया.
20 हज़ार नाविक ख़तरे में
कई महीनों से जारी युद्ध के दौरान संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी, क्षेत्र में 20 हज़ार से अधिक नाविकों की सुरक्षा के लिए घटनाक्रम पर क़रीब से नज़र रख रही है. इनमें उन जहाज़ों पर फँसे नाविक भी शामिल हैं, जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं.
जून में IMO ने लगभग 11 हज़ार नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला था, लेकिन लगातार हुए हमलों के बाद 25 जून को इस अभियान को रोकना पड़ा.
IMO, होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में गठित एक विशेष कार्यबल का भी हिस्सा है. इस कार्यबल की स्थापना मार्च 2026 में हुई थी.
मुख्य बिन्दु
- हमलों की निन्दा: IMO ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास जहाज़ों पर रातभर हुए घातक हमलों की निन्दा की.
- पृष्ठभूमि: फ़रवरी में इसराइल और अमेरिका ने ईरान के विरुद्ध युद्ध शुरू किया था. इसके बाद तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों और परिसम्पत्तियों पर हमले किए. बाद में सुरक्षित नौवहन मार्ग सुनिश्चित करने के लिए एक अन्तरिम युद्धविराम समझौता किया गया था.
- तनाव में वृद्धि: जलडमरूमध्य में अब कई जहाज़ हमलों का निशाना बन चुके हैं. इस मार्ग से कभी दुनिया के तेल और गैस निर्यात का 20 प्रतिशत हिस्सा गुज़रता था.
- संयम की अपील: IMO ने सभी पक्षों से संयम बरतने, संकट को और गहराने से रोकने तथा संवाद की ओर लौटने का आग्रह किया, ताकि नाविकों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जा सके.
Source : UN News
