अज़ान पर सख्ती के आरोप, मस्जिदों के मुअज्जिनों पर लगाए गए सैकड़ों जुर्माने

नई दिल्ली: 1948 के कब्जे वाले फ़िलिस्तीन में मस्जिदों से दी जाने वाली अज़ान को लेकर इज़राइली अधिकारियों की कार्रवाई तेज़ होने के आरोप लगे हैं। पर्यावरण और ध्वनि नियंत्रण (नॉइज़ कंट्रोल) कानूनों के तहत मस्जिदों के मुअज्जिनों पर सैकड़ों वित्तीय जुर्माने लगाए जा रहे हैं। फ़िलिस्तीनियों का कहना है कि यह कदम धार्मिक स्वतंत्रता और इस्लामी पहचान को प्रभावित करने वाला है।

फ़िलिस्तीनी वकील खालिद ज़बारका के अनुसार, केवल लॉड (Lod) शहर में ही मस्जिदों के इमामों को अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय की ओर से 150 से अधिक वित्तीय जुर्माने जारी किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक मुअज्जिन को नोटिस या जुर्माने का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई सीधे तौर पर धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करती है।

ज़बारका का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है। उनका आरोप है कि पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय, स्थानीय नगरपालिकाओं और इज़राइली पुलिस के बीच समन्वय के साथ ऐसी नीति अपनाई जा रही है, जिसका उद्देश्य अरब और इस्लामी उपस्थिति को सीमित करना और मस्जिदों से दी जाने वाली अज़ान की आवाज़ को दबाना है।

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