इजरायली जेलों में 9,350 फिलिस्तीनी कैदी, 3,176 बिना मुकदमे हिरासत में; 350 से ज्यादा बच्चे भी शामिल

रामल्लाह: इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों को लेकर एक बार फिर गंभीर आंकड़े सामने आए हैं। फिलिस्तीनी कैदी संस्थाओं की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 की शुरुआत तक इजरायली जेलों में करीब 9,350 फिलिस्तीनी कैदी बंद हैं। इनमें लगभग 90 महिलाएं और 350 से अधिक बच्चे शामिल हैं। फिलिस्तीनी कैदी संस्थाओं ने यह आंकड़े उपलब्ध सूचनाओं और इजरायली जेल प्रशासन की ओर से कुछ श्रेणियों के संबंध में जारी जानकारी के आधार पर प्रकाशित किए हैं। संस्थाओं का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, खासकर गाजा से हिरासत में लिए गए लोगों के मामले में, जिनके बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

3,176 फिलिस्तीनी बिना मुकदमे हिरासत में
जारी आंकड़ों के अनुसार, करीब 3,176 फिलिस्तीनी प्रशासनिक हिरासत (Administrative Detention) में हैं। इस व्यवस्था के तहत किसी व्यक्ति को सार्वजनिक आरोप या नियमित मुकदमे के बिना हिरासत में रखा जा सकता है और हिरासत आदेश को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। फिलिस्तीनी कैदी संस्थाओं के मुताबिक, इस साल प्रशासनिक हिरासत में रखे गए लोगों की संख्या लगातार ऊंची बनी हुई है। अप्रैल की शुरुआत में ऐसे कैदियों की संख्या करीब 3,532 बताई गई थी। मई में यह संख्या लगभग 3,376, जबकि जुलाई की शुरुआत में करीब 3,244 थी। सितंबर की शुरुआत में यह आंकड़ा 3,176 दर्ज किया गया। संस्थाओं का कहना है कि संख्या में कुछ कमी आने के बावजूद इजरायली अधिकारियों द्वारा नए प्रशासनिक हिरासत आदेश जारी करने और पुराने आदेशों को बढ़ाने का सिलसिला जारी है।

‘अनलॉफुल कॉम्बैटेंट’ श्रेणी में 1,393 लोग
आंकड़ों में 1,393 लोगों को इजरायल द्वारा “अनलॉफुल कॉम्बैटेंट्स” के रूप में वर्गीकृत किए जाने की बात कही गई है। हालांकि फिलिस्तीनी कैदी संस्थाओं ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा पूरी तस्वीर पेश नहीं करता। उनके मुताबिक, गाजा पट्टी से हिरासत में लिए गए सभी लोगों को इसमें शामिल नहीं किया गया है, जिन्हें इजरायली सेना के नियंत्रण वाले अलग-अलग शिविरों में रखा गया है। इसके अलावा इस श्रेणी में लेबनान और सीरिया के कुछ अरब नागरिकों को भी शामिल किया गया है। ऐसे में फिलिस्तीनी कैदियों की वास्तविक संख्या इस आंकड़े से अलग हो सकती है।

350 से ज्यादा बच्चे भी जेलों में
इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनी बच्चों का आंकड़ा भी चिंता का विषय बना हुआ है। नई जानकारी के अनुसार 350 से अधिक बच्चे मेगिद्दो और ओफर जेलों में बंद हैं। फिलिस्तीनी कैदी संस्थाओं द्वारा वर्ष के दौरान जारी किए गए पिछले आंकड़ों में भी बच्चों की संख्या इसी स्तर के आसपास रही है। मई में लगभग 360 बच्चों के हिरासत में होने का अनुमान लगाया गया था, जबकि अप्रैल में यह संख्या करीब 350 बताई गई थी। महिला कैदियों की संख्या लगभग 90 बताई गई है। संस्थाओं का कहना है कि फिलिस्तीनी महिलाओं के खिलाफ भी प्रशासनिक हिरासत का इस्तेमाल जारी है।

जेलों में बिगड़ते हालात का दावा
फिलिस्तीनी कैदियों का मुद्दा केवल हिरासत की संख्या तक सीमित नहीं है। Commission of Detainees and Ex-Detainees Affairs की ओर से हाल में प्रकाशित रिपोर्टों में इजरायली जेलों में स्वास्थ्य और मानवीय परिस्थितियों के बिगड़ने के आरोप लगाए गए हैं। 13 सितंबर को आयोग ने वकीलों द्वारा की गई जेल यात्राओं और कैदियों के बयानों के आधार पर नेगेव जेल में छापेमारी और प्रतिबंधों में कथित बढ़ोतरी की जानकारी दी। रिपोर्ट में कमरों की तलाशी, कैदियों के साथ कथित मारपीट और जेल के विभिन्न हिस्सों में कड़े प्रतिबंध लगाए जाने का उल्लेख किया गया। इसी दिन आयोग ने गनोट जेल में बीमार कैदियों की स्थिति पर भी एक रिपोर्ट जारी की। इसमें कपड़ों और भोजन की कथित कमी, कठिन जीवन परिस्थितियों और बीमार कैदियों को पर्याप्त चिकित्सकीय देखभाल न मिलने के आरोप लगाए गए। आयोग के अनुसार, ओफर जेल में तीन कैदियों की स्वास्थ्य और मानवीय स्थिति भी खराब हुई है। इनमें एक बुजुर्ग कैदी भी शामिल है, जो पुरानी बीमारियों से जूझ रहा है और गिरफ्तारी के दौरान कथित हमले के प्रभाव से भी प्रभावित बताया गया है।

गाजा के कैदियों की पूरी तस्वीर अब भी सामने नहीं
फिलिस्तीनी कैदियों से जुड़े आंकड़ों में सबसे बड़ी चुनौती गाजा पट्टी से हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और उनकी परिस्थितियों को लेकर है। फिलिस्तीनी संस्थाओं का कहना है कि इजरायली सेना से जुड़े शिविरों में रखे गए गाजा के सभी बंदियों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि फिलिस्तीनी कैदी संस्थाएं मानती हैं कि सितंबर में जारी 9,350 कैदियों का आंकड़ा अंतिम और संपूर्ण संख्या नहीं माना जा सकता। विशेष रूप से गाजा से हिरासत में लिए गए लोगों के मामले में सूचना की कमी के कारण वास्तविक संख्या इससे अधिक होने की संभावना बताई गई है। फिलिस्तीनी संस्थाओं द्वारा जारी ये आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं जब इजरायली जेलों में प्रशासनिक हिरासत, बच्चों और महिलाओं की गिरफ्तारी तथा कैदियों की स्वास्थ्य एवं मानवीय परिस्थितियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है। हालांकि, इन आंकड़ों और जेलों में स्थितियों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि सभी मामलों में उपलब्ध नहीं है।

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