दो बार बिकने वाला वो ‘गुलाम’ जो दिल्ली में सिंहासन पर बैठा और मुस्लिम साम्राज्य की नींव डाली।

दो बार बिकने वाला वो ‘गुलाम’ जो दिल्ली में सिंहासन पर बैठा और मुस्लिम साम्राज्य की नींव डाली।

कुतबुद्दीन ऐबक तुर्की के ‘ऐबक’ कबीले से ताल्लुक रखते थे. ऐबक तुर्की भाषा का शब्द है जिसका मतलब होता है ‘चंद्रमा का स्वामी’. इतिहासकार कहते…

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राहुल गांधी: एक मुखर आलोचक के तौर पर सत्ता के सामने निरंतर चुनौती

(शुचि विश्वास) भारतीय राजनीति बेहद नाज़ुक दौर से गुज़र रही है. यहां नफ़रत और झूठ का फलता-फूलता कारोबार सत्ता में बने रहने की गारंटी बन…

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Kashmir

कश्मीरियों ने ‘इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत’ को किया चरितार्थ

‘इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत’ इस लेख की शुरूआत इन तीन शब्दों से ही करते हैं. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीर समस्या का हल सुझाते हुए…

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