मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाज़ा पट्टी में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force – ISF) को अगले महीने तैनात किया जा सकता है। Reuters ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह बल गैर-लड़ाकू होगा और हमास के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं रहेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक़, इस बल का काम ज़मीन पर हालात की निगरानी करना और गाज़ा में स्थिरता बनाए रखने में मदद करना होगा। कई देशों ने इस अंतरराष्ट्रीय बल में शामिल होने में रुचि दिखाई है। यह पहल गाज़ा के भविष्य की सुरक्षा और शासन व्यवस्था को लेकर चल रही बातचीत का हिस्सा है।
इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गाज़ा में ISF की तैनाती को मंज़ूरी देने वाला प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 13 देशों ने वोट दिया, जबकि रूस और चीन ने मतदान से दूरी बनाए रखी। प्रस्ताव के अनुसार, यह बल दो वर्षों के लिए तैनात किया जाएगा और ज़रूरत पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है।
इस बल को नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता की रक्षा और एक नई फ़िलिस्तीनी पुलिस फ़ोर्स को प्रशिक्षण देने का अधिकार दिया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संघर्षविराम के बाद गाज़ा में हमास को जनसमर्थन मिला है, क्योंकि उनकी वापसी से क़ानून-व्यवस्था बहाल हुई और आम लोगों को सुरक्षा का एहसास हुआ।
