नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिंदी विभाग द्वारा 24 मार्च 2026 को मीर अनीस सभागार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी (AI) जैसे महत्वपूर्ण विषय पर एक प्रभावशाली कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को AI के तेजी से बदलते स्वरूप, उसके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य में उसकी भूमिका से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में विशेष रूप से मीडिया के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और AI के सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक पहलुओं को गहराई से समझा। कार्यक्रम की शुरुआत एमए मास मीडिया पाठ्यक्रम के संयोजक प्रो. रहमान मुसव्विर के स्वागत वक्तव्य से हुई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि AI अब केवल तकनीकी विषय नहीं रहा, बल्कि यह हमारी शिक्षा, कार्यशैली और सोचने के दृष्टिकोण को व्यापक रूप से प्रभावित कर रहा है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे इस तकनीक को अपनाकर अपने कौशल को और अधिक सशक्त बनाएं।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित AI ट्रेनर एवं वैज्ञानिक डॉ. निमिष कपूर ने अपने विचारों से छात्रों को नई दृष्टि प्रदान की। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI मनुष्य द्वारा निर्मित तकनीक है, इसलिए इससे डरने के बजाय इसे समझकर अपने कार्य में शामिल करना चाहिए।
इसके अलावा अपने संबोधन में उन्होंने Perplexity AI, Google Gemini, ChatGPT, Google Opal और Google Pinpoint जैसे आधुनिक AI टूल्स का उल्लेख करते हुए बताया कि ये केवल तकनीकी संसाधन नहीं हैं, बल्कि अध्ययन, शोध और मीडिया कार्यों को अधिक प्रभावी और सरल बनाने के सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने उदाहरणों के जरिए समझाया कि इन टूल्स की मदद से छात्र कम समय में उच्च गुणवत्ता वाला कार्य कर सकते हैं।

कार्यशाला के दौरान AI के माध्यम से डेटा सत्यापन, डेटा प्रबंधन एवं स्टैकिंग, वीडियो सारांश निर्माण, AI आधारित प्रेजेंटेशन तैयार करना, कंटेंट संरचना, सरल वेब-ऐप निर्माण और रिपोर्ट लेखन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से यह रेखांकित किया गया कि AI मीडिया छात्रों की कार्य गति और गुणवत्ता दोनों को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकता है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रोफेसर मुकेश मिरोठा ने किया, जिन्होंने पूरे सत्र को सहज, रोचक और संवादात्मक बनाए रखा। अंत में डॉ. आलमगीर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन, विभागाध्यक्ष, अतिथियों, वक्ताओं और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ने और समय के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
