सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर दावा किया जा रहा है कि टीएमसी के गुंडे लोगों को डराने-धमकाने आए थे, लेकिन उन्हें सुरक्षबालों ने गिरफ्तार कर लिया। इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा “टीएमसी के गुंडे धमकाने आए थे , पर भूल गये बंगाल में अब सीआरपीएफ तैनात हैं । कर दिया इलाज“
फैक्ट चेक
Times Headline की टीम ने वायरल वीडियो की जाँच के लिए वीडियो को की फ्रेम्स में कन्वर्ट किया और गूगल रिवर्स सर्च करने पर पाया कि यह वीडियो बांग्लादेश का है, जिसमें बांग्लादेशी सुरक्षा बलों द्वारा दो लोगों को हमला और उपद्रव करने के आरोप में पकड़ा गया था। यह वीडियो 17 अगस्त 2024 को Dhaka Post के YouTube पर अपलोड किया गया था।
वीडियो के कैप्शन के अनुसार, यह घटना बांग्लादेश के फरीदपुर जिले के बोआलमारी इलाके की है, जहाँ बीएनपी के दो गुटों के बीच आपस में झड़प हो गई थी। इस दौरान एक गुट के कार्यकर्ता दूसरे गुट से जुड़े लोगों की दुकानों में तोड़फोड़ कर रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप किया और दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
वीडियो के बारे में और ज़्यादा जानकारी के लिए हमने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को खंगाला, तो हमें यही वीडियो बांग्लादेश के अन्य समाचार चैनलों, जैसे Independent Television और Kalbela News की रिपोर्ट्स में मिला।
इन रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 14 अगस्त 2024 को बांग्लादेश के फरीदपुर जिले के बोआलमारी इलाके में हुई थी। यह मामला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के दो गुटों के बीच हुई झड़प का था, जिसमें एक गुट के कार्यकर्ता दूसरे गुट की दुकान को निशाना बनाकर तोड़फोड़ की थी।
निष्कर्ष
Times Headline के फैक्ट चेक से साफ़ है कि यह वीडियो बांग्लादेश का है। न की पश्चिम बंगाल का। यह घटना बीएनपी के दो गुटों के बीच झगड़े का है, जिसे संभालने के लिए सुरक्षाबलों ने कार्रवाई की ती। इसलिए यूज़र्स का दावा भ्रामक है |



