संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया कि इसराइल और लेबनान के बीच 17 अप्रैल को घोषित युद्धविराम के बावजूद, लेबनान में मानवीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. पिछले 24 घंटों के दौरान ही 100 से अधिक हमले होने की ख़बरें मिली हैं जिनमें कम से कम 87 लोग मारे गए हैं.
यूएन आपात राहत समन्वयक टॉम फ़्लैचर ने भी हिंसा समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया है.
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि 24 घंटों में लेबनान पर 100 से अधिक हमले हुए हैं, जिसमें आम नागरिकों की मौत हुई है और अनेक परिवार विस्थापित हुए हैं.
टॉम फ़्लैचर ने कहा, “हम ज़रूरतमन्द लोगों तक सहायता पहुँचाने के लिए हरसम्भव प्रयास कर रहे हैं. लेकिन लोगों को सबसे अधिक आवश्यकता एक वास्तविक युद्धविराम की है.”
स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2 मार्च को हिज़्बुल्लाह लड़ाकों और इसराइली बलों के बीच बढ़े युद्ध के बाद से, स्वास्थ्य सेवाओं पर 158 हमलों का रिकॉर्ड दर्ज किया है, जिनमें 108 लोगों की मौत हुई और 249 लोग घायल हुए हैं.
यूएन प्रवक्ता फरहान हक़ ने प्रैस वार्ता में कहा, “मानवीय सहायता और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले अस्वीकार्य हैं. इससे पहले से दबाव झेल रही स्वास्थ्य व्यवस्था और नागरिकों की आपात स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच और अधिक कमज़ोर हो रही है.”
उन्होंने बताया कि 3 अस्पताल और 41 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अब भी बन्द हैं, जबकि अनेक अन्य केवल आंशिक रूप से काम कर रहे हैं.
इस सप्ताहान्त के दौरान, दक्षिणी लेबनान और नाबातिएह गवर्नरेट के कई क़स्बों और गाँवों के लिए नए विस्थापन आदेश भी जारी किए गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के सहायता साझीदारों ने बताया कि विस्थापित लोगों, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और अन्य कमज़ोर हालात वाले समूहों को पर्याप्त और विविध भोजन तक सीमित पहुँच का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य सम्बन्धी जोखिम बढ़ रहे हैं.
यूएन सहायता जारी
प्रवक्ता फरहान हक़ ने कहा, “इन चुनौतियों के बावजूद मानवीय साझीदार, सरकार के साथ समन्वय में महत्वपूर्ण सहायता और सेवाएँ उपलब्ध कराना जारी रखे हुए हैं.”
अब तक सहायता एजेंसियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से 18 हज़ार से अधिक वैक्सीन ख़ुराकें दी हैं, 4.3 हज़ार से अधिक प्रसवपूर्व देखभाल परामर्श उपलब्ध कराए हैं और 84 लाख से अधिक भोजन थालियाँ वितरित की हैं.
हालाँकि, फरहान हक़ ने चेतावनी दी कि मानवीय ज़रूरतें उपलब्ध संसाधनों से कहीं अधिक तेज़ी से बढ़ रही हैं.
साथ ही, मार्च से मई की अवधि के लिए जारी 30 करोड़ 80 लाख डॉलर की अपील को, अब तक केवल 40 प्रतिशत से थोड़ा अधिक ही धन प्राप्त हुआ है.
ग़ाज़ा में गोलीबारी की ख़बर
उधर, ग़ाज़ा में काम कर रहे मानवीय सहायता कर्मियों ने बताया कि इस सप्ताहान्त के दौरान कई हवाई हमले हुए, गोलाबारी, नौसेना पर गोलीबारी और रिहायशी इलाक़ों में गोलीबारी की घटनाएँ भी सामने आईं, जिनमें लोगों के हताहत होने की भी ख़बर है.
इस बीच, क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र – पश्चिमी के लिए संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवीय अधिकारी रामिज़ अलअकबरोव ने, 11 देशों के राजनयिकों के एक प्रतिनिधिमंडल का दौरा कराया, ताकि वे तबाही, विस्थापन, पानी तक पहुँच पर प्रतिबन्ध और यहूदी बाशिन्दों की हिंसा के प्रभाव को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें.
रामिज़ अलअकबरोव ने उन प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता दिखाने की अपील की, जिनके जीवन, जीवनशैली और आजीविका ख़तरे में हैं.
उन्होंने हिंसा, तबाही और प्राकृतिक संसाधनों के अवैध उपयोग के लिए जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर भी बल दिया.

Source : UN News
