Divya Pandey
पटना के कदमकुआँ थाना क्षेत्र के मुसल्लहपुर हाट इलाके में खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर के बाहर 2 जून 2026 की देर रात 15-20 लोगों की भीड़ ने जमकर पथराव और तोड़फोड़ की, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने कोचिंग परिसर के बाहर खड़ी गाड़ियों और आसपास की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई। खान सर और उनके सुरक्षा कर्मियों ने फायरिंग होने का भी दावा किया है, जिसकी पुष्टि के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
कई बार कोचिंग संस्थानों के बाहर बड़ी संख्या में छात्रों की भीड़ जमा रहती है। ऐसी परिस्थितियों का फायदा उठाकर कुछ स्थानीय असामाजिक तत्व या बदमाश अपनी व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने या इलाके में अपना दबदबा स्थापित करने के लिए हिंसक घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। इस तरह की घटनाओं का सीधा संबंध कोचिंग संस्थान से न होकर स्थानीय आपराधिक गतिविधियों से भी हो सकता है।
पटना का कदमकुआं और नया टोला क्षेत्र लंबे समय से कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। यहां अनेक बड़े और छोटे कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं। छात्रों को आकर्षित करने, बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखने और प्रभाव स्थापित करने को लेकर विभिन्न संस्थानों या उनके समर्थकों के बीच प्रतिस्पर्धा और विवाद की स्थिति बनती रहती है। ऐसे माहौल में वर्चस्व की लड़ाई कभी-कभी हिंसक रूप भी ले सकती है।
खान सर की प्रतिक्रिया
खान सर ने इस घटना को सामान्य झगड़ा मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया व्यावसायिक हमला है। उनके अनुसार हाल के महीनों में बिहार पुलिस भर्ती समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में उनके संस्थान के छात्रों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जिससे उनकी लोकप्रियता और प्रभाव में तेजी से वृद्धि हुई है|
खान सर का मानना है कि उनकी कोचिंग की कम फीस भी इस विवाद का एक बड़ा कारण हो सकती है। उनका कहना है कि वे अपेक्षाकृत कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी तैयारी कर पाते हैं। इसके कारण अन्य बड़े कोचिंग संस्थानों के व्यवसाय पर असर पड़ता है। खान सर ने कुछ बड़े संस्थानों को “कोचिंग माफिया” बताते हुए आरोप लगाया कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से कई लोगों के व्यावसायिक हित प्रभावित हुए हैं|
खान सर ने यह भी दावा किया है कि घटना से लगभग दो दिन पहले उन्हें एक अन्य कोचिंग संचालक की ओर से “दो दिन में कोचिंग उड़ा देने” की धमकी दी गई थी। उनका आरोप है कि उसी धमकी और हालिया हमले के बीच संबंध हो सकता है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सरकारी कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पूरे इलाके और कोचिंग संस्थान के CCTV फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
खान सर और उनके सुरक्षा गार्ड का दावा है कि घटना के दौरान 8 से 10 राउंड फायरिंग हुई थी, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड घायल भी हुआ। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मारपीट और पथराव की घटना के पर्याप्त संकेत मिले हैं, लेकिन फायरिंग की पुष्टि के लिए अभी फॉरेंसिक जांच और CCTV फुटेज का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। इसलिए अंतिम ष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस फिलहाल कोचिंग संस्थानों के बीच व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और संभावित दुश्मनी के पहलू को प्रमुखता से जांच रही है। यदि इस दिशा में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो यह मामला बिहार के कोचिंग उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उसके दुष्परिणामों का बड़ा उदाहरण बन सकता है।
घटना के बाद खान सर ने राज्य प्रशासन पर भरोसा जताते हुए अपने संस्थान और छात्रों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने छात्रों से शांति बनाए रखने, कानून पर विश्वास रखने और किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया या विवाद में शामिल न होने की अपील की है।
खान सर की कोचिंग के बाहर हुई हिंसक घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी जांच के दायरे में है। स्थानीय अपराधियों की भूमिका, कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा, व्यावसायिक हितों का टकराव या अन्य कोई कारण—इन सभी संभावनाओं की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट है कि घटना ने बिहार के कोचिंग उद्योग की प्रतिस्पर्धी और तनावपूर्ण परिस्थितियों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। अंतिम सच पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
