संघर्ष से शिखर तक: बारामूला के आकिब नबी की टीम इंडिया में एंट्री, बुमराह की जगह लेंगे

जम्मू-कश्मीर के बारामूला से निकलकर एक और युवा तेज गेंदबाज भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर अपनी धाक जमाने आ गया है। हम बात कर रहे हैं आकिब नबी की, जिन्हें घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार गेंदबाजी का इनाम मिला है। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया है, जहां वह जसप्रीत बुमराह का स्थान लेंगे।

खिड़की से कूदकर खेलने जाने वाला लड़का: आकिब की अनकही कहानी

आकिब की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जिसमें संघर्ष, जुनून और आखिरकार सफलता का सफर दर्ज है:-

  • डॉक्टर बनाम क्रिकेटर: आकिब के पिता गुलाम नबी डार पेशे से एक शिक्षक हैं। उनकी दिली ख्वाहिश थी कि बेटा पढ़ाई-लिखाई करके डॉक्टर बने।
  • जूनून ऐसा कि कमरा भी न रोक सका: जब पढ़ाई के लिए उन्हें कमरे में बंद कर दिया जाता, तो वह खिड़की से कूदकर मैदान की तरफ भाग जाते थे।
  • दोस्तों के स्पाइक्स से शुरुआत: एक वक्त ऐसा भी था जब आकिब के पास क्रिकेट किट और स्पाइक्स वाले जूते खरीदने के पैसे नहीं थे। उन्होंने दोस्तों से जूते मांगकर अपनी प्रैक्टिस जारी रखी।
  • पिता का बदला फैसला: आकिब के अटूट जुनून को देखकर पिता ने भी आखिरकार उनका साथ दिया और बेटे ने अपनी मेहनत के दम पर पहचान बना ही ली।

घरेलू क्रिकेट में मचाया तहलका

2020 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण (Debut) करने वाले आकिब नबी का प्रदर्शन साल-दर-साल निखरता गया है:

  • जम्मू-कश्मीर को बनाया चैंपियन: पिछले रणजी सीजन में जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक पहली खिताबी जीत के पीछे आकिब का सबसे बड़ा हाथ था। उन्होंने सिर्फ 10 मुकाबलों में 60 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा, जिसमें 7 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा (5-wicket haul) शामिल है।
  • पहला सीजन भी रहा खास: इससे पिछले सीजन में भी उन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से 8 मैचों में 44 शिकार किए थे।

IPL में भारी कीमत, लेकिन विकेट का सूखा

आकिब नबी के पास इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का भी अनुभव है, हालांकि वहां का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा:

  • दिल्ली कैपिटल्स ने लगाया दांव: पिछले नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने उन पर भरोसा जताते हुए 8.40 करोड़ रुपये का बड़ा दांव खेला था।
  • डेब्यू सीजन का अनुभव: हालांकि, वह उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतर सके। 5 मुकाबलों में मौका मिलने पर उन्होंने कुल 13 ओवर फेंके, लेकिन उन्हें कोई सफलता (0 विकेट) नहीं मिली।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आईपीएल की कमियों को पीछे छोड़ते हुए आकिब लाल गेंद के क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए कैसा प्रदर्शन करते हैं।

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