सावधान! शरीर में इन 4 विटामिन्स की कमी से बढ़ सकता है डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) का खतरा: नई रिसर्च में खुलासा

नई दिल्ली: हम सभी जानते हैं कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए विटामिन्स कितने जरूरी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकी कमी आपको न सिर्फ शारीरिक बल्कि गंभीर मानसिक बीमारियों का शिकार भी बना सकती है? मेडिकल जर्नल ‘लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया’ में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस रिसर्च के अनुसार, शरीर में चार खास विटामिन्स की कमी से ‘डिमेंशिया’ (याददाश्त कमजोर होने की बीमारी) का जोखिम काफी हद तक बढ़ जाता है।

तेलंगाना में 556 लोगों पर हुआ अध्ययन

यह महत्वपूर्ण रिसर्च तेलंगाना के 556 अधेड़ और बुजुर्ग लोगों पर की गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों में डिमेंशिया होने का जोखिम अधिक था, उनके शरीर में मुख्य रूप से चार विटामिन्स— विटामिन D, B2, B6 और B12 की भारी कमी देखी गई।

अध्ययन में शामिल कुल लोगों में से करीब 39 प्रतिशत लोगों में डिमेंशिया का खतरा पाया गया। इस निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए शोधकर्ताओं ने मरीजों की उम्र, बीएमआई (BMI), शारीरिक गतिविधि, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी अहम जानकारियों का बारीकी से आकलन किया।

महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक जोखिम

इस रिसर्च से एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों की तुलना में महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों में डिमेंशिया होने की आशंका ज्यादा दर्ज की गई है।

विटामिन्स की कमी के चौंकाने वाले आंकड़े

अध्ययन के दौरान जब लोगों के स्वास्थ्य और विटामिन्स के स्तर की जांच की गई, तो निम्नलिखित आंकड़े सामने आए:

  • विटामिन B2 : सबसे ज्यादा 64% लोगों में इसकी कमी पाई गई।
  • विटामिन D: करीब 42% लोगों में इस विटामिन का स्तर कम मिला।
  • विटामिन B6 : लगभग 34% लोगों के अंदर इसकी कमी देखी गई।
  • विटामिन B12 : करीब 17% लोगों में विटामिन B12 की कमी दर्ज की गई।

क्या होता है डिमेंशिया और इसका असर?

डिमेंशिया एक ऐसी गंभीर स्थिति है जिसमें व्यक्ति की याददाश्त कमजोर होने लगती है। इसके प्रभाव से इंसान के सोचने और समझने की क्षमता में भारी गिरावट आ जाती है। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि मरीज को अपने रोजमर्रा के सामान्य कामकाज निपटाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

शोधकर्ताओं का निष्कर्ष

शोधकर्ताओं का स्पष्ट रूप से मानना है कि शरीर में इन जरूरी विटामिन्स की कमी डिमेंशिया के खतरे को तेजी से बढ़ा सकती है। इसलिए, अपने मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने और इस गंभीर बीमारी से बचने के लिए शरीर में विटामिन्स का सही स्तर बनाए रखना बेहद जरूरी है।

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