ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान सितंबर में आएंगे दिल्ली, BRICS सम्मेलन पर टिकी निगाहें

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान सितंबर में नई दिल्ली पहुंच सकते हैं। वह भारत में होने वाले 18वें BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आएंगे। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और सम्मेलन की मेजबानी भी नई दिल्ली में करेगा।

पेजेश्कियान की यह संभावित यात्रा ऐसे वक्त हो रही है, जब ईरान और अमेरिका के बीच पांच महीने से ज्यादा समय से तनाव और संघर्ष जारी है। ऐसे माहौल में ईरानी राष्ट्रपति का भारत आना सिर्फ एक BRICS बैठक तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इससे भारत और ईरान के बीच बातचीत के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है।

BRICS सम्मेलन के लिए भारत ने “मजबूती, नए प्रयोग, सहयोग और टिकाऊ विकास के लिए निर्माण” विषय तय किया है। ईरान 2024 में BRICS का पूर्ण सदस्य बना था। उसी साल मिस्र, इथियोपिया और UAE भी संगठन में शामिल हुए, जबकि 2025 में इंडोनेशिया के जुड़ने के बाद पूर्ण सदस्यों की संख्या 11 हो गई।

मोदी-पेजेश्कियान की पहले भी हो चुकी है मुलाकात

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में हुए BRICS सम्मेलन के दौरान हो चुकी है। उस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी।

जून में भी भारत पहुंचे थे ईरान के विदेश मंत्री

पेजेश्कियान की संभावित यात्रा से पहले जून में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भारत आए थे। उन्होंने BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था।

बैठक के बाद अराघची ने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति को लेकर भारत की भूमिका को अहम बताया था। उन्होंने साफ कहा था कि मौजूदा संकट का सैन्य समाधान नहीं है और बातचीत के जरिए समझौता ही आगे बढ़ने का रास्ता है।

अराघची ने भारत की किसी भी रचनात्मक भूमिका का स्वागत करने की बात कही थी। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की थी।

यानी अब अगर सितंबर में पेजेश्कियान दिल्ली आते हैं, तो BRICS सम्मेलन भारत और ईरान के बीच उच्चस्तरीय बातचीत का एक और महत्वपूर्ण मौका बन सकता है।

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