असम और नागालैंड की सीमा पर 59 मकानों सहित इकलौती मस्जिद पर चला बुलडोजर

असम और नागालैंड की सीमा पर स्थित मेरापानी में प्रशासन ने 59 परिवारों के मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया। इलाके की इकलौती मस्जिद को भी ध्वस्त कर दिया गया। प्रभावित परिवारों को पिछले साल सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली थी, लेकिन अब उन्हें दोबारा बेदखली का सामना करना पड़ रहा है। अपनी आंखों के सामने घरों को मलबे में तब्दील होते देख परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

इस क्षेत्र में वन भूमि को खाली कराने का अभियान (कुल 205 परिवारों पर असर) शुरू हुआ था, तब इन 59 परिवारों ने अदालत का रुख कर अंतरिम राहत (Stay Order) प्राप्त कर ली थी। हालांकि, बाद में कानूनी प्रक्रियाओं और सर्वोच्च न्यायालय/गुवाहाटी उच्च न्यायालय के अंतिम फैसलों में जमीन को वन विभाग के पक्ष में माना गया, जिसके बाद प्रशासन को बेदखली फिर से शुरू करने का कानूनी रास्ता मिला।

प्रशासन और वन विभाग द्वारा कार्रवाई से पहले लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराई गई थी और प्रभावित परिवारों को अपना सामान समेटने के लिए अंतिम नोटिस दिए गए थे।

इस बेदखली के बाद असम और नागालैंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में एक बार फिर पुराने सीमा विवाद को लेकर स्थानीय संगठनों (जैसे लोथा छात्र और नागरिक समूह) के बीच चिंताएं और मांगें तेज हो गई हैं, जो इस क्षेत्र में स्थाई सीमा समाधान और भूमि अधिकारों की मांग कर रहे हैं।

 

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