इज़राइल के अति-दक्षिणपंथी मंत्री बेन-गवीर ने अल-अक्सा मस्जिद परिसर का दौरा कर बढ़ाया तनाव

यरुशलम: इज़राइल के अति-दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने रविवार को यरुशलम स्थित अल-अक्सा मस्जिद परिसर का दौरा कर मध्य पूर्व के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक पर लागू दशकों पुराने नियमों का उल्लंघन किया। जिसके तहत यहूदियों को यहां आने की अनुमति है, लेकिन प्रार्थना करने पर प्रतिबंध है।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेन-गवीर के दौरे के बाद एक बयान जारी कर कहा कि इज़राइल इस पवित्र स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

दरअसल एक छोटे यहूदी संगठन, ‘टेम्पल माउंट एडमिनिस्ट्रेशन’ द्वारा जारी वीडियो में बेन-गवीर को परिसर के अंदर एक समूह का नेतृत्व करते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल अन्य वीडियो में उन्हें प्रार्थना करते हुए दिखाया गया है।

उनका यह दौरा यहूदियों के शोक के दिन ‘तिशा बाव’ पर हुआ। इस दिन को दो प्राचीन यहूदी मंदिरों के विनाश की याद में मनाया जाता है। यह स्थल यहूदियों के लिए ‘टेंपल माउंट’ के नाम से जाना जाता है।

परिसर का प्रबंधन करने वाली जॉर्डन की संस्था ‘वक्फ’ ने कहा कि बेन-गवीर उन 1,250 लोगों में शामिल थे, जिन्होंने परिसर में प्रवेश किया और कुछ ने प्रार्थना की, नारेबाजी की और नृत्य किया।

इज़राइल की आधिकारिक नीति गैर-मुस्लिमों को यहां प्रार्थना करने से रोकती है। यह स्थल इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र और यहूदी धर्म का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। बेन-गवीर पहले भी यहां आ चुके हैं और यहूदियों को प्रार्थना की अनुमति देने की मांग कर चुके हैं, जिस पर नेतन्याहू ने स्पष्ट किया था कि यह सरकार की नीति नहीं है।

बेन-गवीर ने एक बयान में कहा कि उन्होंने गाजा में हमास के खिलाफ इज़राइल की जीत और बंधकों की रिहाई के लिए प्रार्थना की। उन्होंने इस पूरे क्षेत्र पर इज़राइल के नियंत्रण की अपनी मांग भी दोहराई।

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के प्रवक्ता नबील अबू रुदैनेह ने इस दौरे की निंदा करते हुए कहा कि यह “सभी सीमाओं को पार कर गया है”। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर अमेरिका से हस्तक्षेप करने और गाजा में युद्ध रोकने तथा मानवीय सहायता पहुंचाने की मांग की।

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