इज़राइल और हमास के बीच ग़ाज़ा को लेकर फिर से हालात बिगड़ने लगे हैं। हाल ही में दोनों के बीच जो युद्ध रोकने की बातचीत चल रही थी, वो नाकाम हो गई है। इसके बाद इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हफ्ते अपनी सुरक्षा टीम की एक ज़रूरी बैठक बुलाने का फैसला किया है। इस बैठक में ग़ाज़ा में आगे क्या कदम उठाए जाएं, इस पर चर्चा होगी। इज़राइल के कुछ अफसरों का कहना है कि नेतन्याहू अब ग़ाज़ा पर पूरा कब्ज़ा करने की योजना पर गंभीरता से सोच रहे हैं।
इसी बीच, अमेरिका के मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ़ ने कहा है कि वो इज़राइल सरकार के साथ मिलकर एक ऐसी योजना पर काम कर रहे हैं, जिससे यह युद्ध खत्म किया जा सके। लेकिन दूसरी ओर कुछ इज़राइली नेता ग़ाज़ा पर हमला और तेज करने और इसके कुछ हिस्सों को अपने देश में शामिल करने की बात कर रहे हैं।
दुनियाभर के देश जैसे कतर, मिस्र, फ्रांस और संयुक्त राष्ट्र चाहते हैं कि ग़ाज़ा और इज़राइल का विवाद दो देशों के समाधान से सुलझाया जाए। लेकिन इज़राइल का कहना है कि पहले हमास को पूरी तरह खत्म किया जाए, बंधकों को छोड़ा जाए और ग़ाज़ा का प्रशासन सेना की जगह आम लोगों के हाथ में दिया जाए। अभी शांति की उम्मीद बहुत कम है और ग़ाज़ा में लोगों की हालत बद से बदतर होती जा रही है।
