सूडान: अल फ़शर में बिगड़ते संकट के बीच, यूएन महासचिव की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सूडान के अल फ़शर शहर में तेज़ी से बिगड़ते हालात पर गहरी चिन्ता जताई है, जोकि पिछले कई महीनों से घेराबन्दी का शिकार है और आम नागरिकों को निरन्तर जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है.

सूडान में सत्ता पर नियंत्रण के लिए उपजे मतभेदों की वजह से परस्पर विरोधी सैन्य बलों, सशस्त्र सेना और अर्द्धसैनिक बल (RSF) के बीच अप्रैल 2023 में हिंसक टकराव भड़क उठा था.

RSF ने देश के नॉर्थ दारफ़ूर प्रान्त की राजधानी अल फ़शर की 500 दिनों से अधिक समय से घेराबन्दी की हुई है, और पिछले कुछ सप्ताह में आम नागरिकों के विरुद्ध हमलों में तेज़ी आई है.

इसके नज़दीक ही स्थित अबू शौक विस्थापन शिविर में बड़ी संख्या में आम लोग निरन्तर बमबारी व हमलों की वजह से कैम्प छोड़कर भागने के लिए मजबूर हुए हैं.

यूएन महासचिव के प्रवक्ता ने शनिवार की ओर से एक वक्तव्य जारी किया, जिसमें उन्होंने लड़ाई तुरन्त रोकने जाने की अपील की है.

उन्होंने दोहराया है कि अल फ़शर में टकराव पर जल्द से जल्द विराम लगाया जाना होगा, आम नागरिकों का सम्मान व संरक्षण सुनिश्चित करना होगा और बेरोकटोक मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए सुरक्षित मार्ग मुहैया कराना होगा.

साथ ही, हिंसा प्रभावित इलाक़ों को छोड़कर जाने की कोशिश कर रहे आम नागरिकों को भी सुरक्षित रास्ता दिए जाने पर भी बल दिया गया है.

मस्जिद पर हमला

महासचिव का यह वक्तव्य अल फ़शर में शुक्रवार को एक मस्जिद पर हुए हमले के बाद जारी हुआ है, जिसमें सुबह वहाँ नमाज़ पढ़ने के लिए एकत्र हुए लोगों की जान गई है.

यूएन मानवतावादी समन्वयक डेनिस ब्राउन ने इस हमले पर गहरी चिन्ता जताई है और ध्यान दिलाया है कि अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून के धार्मिक स्थलों और श्रृद्धालुओं की रक्षा की जानी ज़रूरी है.

उन्होंने कहा कि यह हमला, अर्द्धसैनिक बल RSF द्वारा अंजाम दिए जाने की ख़बर है, जिसकी जाँच और जवाबदेही तय की जानी अहम है.

समर्थन की अपील

अल फ़शर शहर के कुछ इलाक़ों में पिछले वर्ष अकाल जैसे हालात नज़र आए थे, और उसके बाद यहाँ व नज़दीकी शिविरों में स्थिति बद से बदतर हुई है.

जैसे जैसे लड़ाके शहर के अन्दर प्रवेश कर रहे हैं, उनके द्वारा जातीयता से प्रेरित हिंसा को अंजाम दिए जाने का भी जोखिम है. पिछले दो वर्षों से अधिक समय से जारी इस युद्ध का आम नागरिकों को ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है.

यूएन महासचिव ने दोनों पक्षों से तुरन्त संवाद में शामिल होने, लड़ाई रोकने और एक राजनैतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया है.

साथ ही, उन्होंने न्यूयॉर्क में यूएन महासभा की वार्षिक बैठक से ठीक पहले दोहराया है कि सूडान की जनता के समर्थन में समन्वित ढंग से अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर क़दम उठाए जाने होंगे.

Source: UN News Hindi

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