नई दिल्ली: भारत के लिए गर्व का पल, लड़कियों की शिक्षा को नई रोशनी देने वाली संस्था Educate Girls और इसकी संस्थापक सफीना हुसैन को 2025 का रमन मैगसेसे अवॉर्ड मिला। यह वही पुरस्कार है जिसे “एशिया का नोबेल” कहा जाता है।
साल 2007 में सफीना हुसैन ने यह सफर शुरू किया था। उनका सपना था कि कोई भी बच्ची सिर्फ गरीबी या सामाजिक वजहों से पढ़ाई से वंचित न रहे। इस मिशन ने धीरे-धीरे एक आंदोलन का रूप ले लिया। आज Educate Girls ने 20 लाख से ज्यादा बच्चियों को स्कूल तक पहुँचाया और उनमें से 90% से अधिक बच्चियां अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं।
“टीम बालिका” जैसे हजारों स्थानीय स्वयंसेवक गाँव-गाँव जाकर परिवारों को समझाते हैं कि बेटी की शिक्षा ही असली बदलाव की कुंजी है। इसी मेहनत ने आज भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया है।
पुरस्कार पाकर सफीना हुसैन ने कहा, “यह सम्मान मेरा नहीं, हर उस बच्ची का है जो सपनों को उड़ान देने के लिए स्कूल जाती है।” यह जीत सिर्फ एक संस्था की नहीं, बल्कि
