ग़ाज़ा पट्टी में इज़रायली हमलों और संघर्षविराम उल्लंघनों का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार सुबह एक घायल फ़िलिस्तीनी नागरिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। यह जानकारी फ़िलिस्तीनी मेडिकल सूत्रों के हवाले से सामने आई है।
मेडिकल सूत्रों के अनुसार, अहमद समीर फरहत नामक फ़िलिस्तीनी नागरिक ने दम तोड़ दिया। वह दो दिन पहले खान यूनिस के अल-मवासी क्षेत्र में हुए इज़रायली हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ था। वहीं, मध्य ग़ाज़ा के अल-मग़ाज़ी शरणार्थी कैंप में एक घर पर इज़रायली गोलाबारी के बाद एक अन्य फ़िलिस्तीनी घायल हो गया।
रिपोर्ट के मुताबिक़ रविवार को भी ग़ाज़ा पट्टी में इज़रायली शेलिंग और गोलीबारी में पाँच फ़िलिस्तीनियों की मौत हुई थी, जिनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल थे। इस दौरान कई अन्य लोग घायल भी हुए। बताया गया है कि इज़रायली सेना संघर्षविराम समझौते का लगातार उल्लंघन कर रही है। इसमें रोज़ाना हवाई और तोपखाने से हमले, विस्थापित नागरिकों को निशाना बनाना, “येलो लाइन” कहे जाने वाले इलाक़ों में ध्वस्तीकरण अभियान चलाना, और राहत सामग्री व लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध शामिल हैं।
फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 10 अक्टूबर को संघर्षविराम लागू होने के बाद से अब तक 905 फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जबकि 2,713 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा मलबे के नीचे से 777 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि 7 अक्टूबर 2023 से जारी युद्ध में अब तक कुल 72,797 फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 172,821 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार यह आँकड़े ग़ाज़ा में जारी हमलों और मानवीय संकट की गंभीरता को दर्शाते हैं।
सोमवार को जारी एक बयान में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान छह फ़िलिस्तीनियों की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए। इनमें पाँच लोग नए हमलों में मारे गए, जबकि एक व्यक्ति ने पुरानी चोटों के कारण दम तोड़ा। मंत्रालय ने यह भी कहा कि कई लोग अब भी मलबे के नीचे और सड़कों पर फँसे हुए हैं। लगातार हमलों और ज़मीनी हालात के कारण एंबुलेंस और सिविल डिफेंस टीमें कई इलाक़ों तक नहीं पहुँच पा रही हैं, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
