सिंगापुर ने वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ़ बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए इसराइल के चार चरमपंथी लोगों यानी वेस्ट बैंक में हिंसा करने वाले चार इसराइली व्यक्तियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों में सिंगापुर में प्रवेश पर रोक और उनकी संपत्ति व आर्थिक लेन-देन पर पाबंदी शामिल है।
प्रतिबंध जिन चार लोगों पर लगाए गए हैं, उनके नाम हैं: मेइर एटिंगर, एलिशा यारेद, बेंज़ी गोपस्टीन, और बरूख मारज़ेल।
इन सभी पर फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ़ “गंभीर और ग़ैरक़ानूनी हिंसा” करने के आरोप हैं।
ये वही लोग हैं जिन पर पहले यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका भी कार्रवाई कर चुके हैं। एटिंगर और यारेद वेस्ट बैंक में अवैध आउटपोस्ट बनाने और हिंसा के लिए बदनाम हिलटॉप यूथ से जुड़े हैं। गोपस्टीन एक कट्टर संगठन लेहावा का प्रमुख है और मारज़ेल लंबे समय से दक्षिणपंथी उग्र गतिविधियों में शामिल रहा है।
वेस्ट बैंक में हाल के महीनों में बसने वालों की हिंसा बढ़ी है, लेकिन कई मामलों में उनके खिलाफ़ कोई सज़ा नहीं होती। इसी वजह से सिंगापुर ने इसराइल सरकार से कहा है कि वह हिंसा रोकने और दोषियों पर कार्रवाई करने के कदम उठाए।
सिंगापुर और इसराइल के संबंध पुराने हैं, लेकिन सिंगापुर अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फ़िलिस्तीन मुद्दे पर अधिक स्पष्ट रुख़ ले रहा है। 2024 में उसने फ़िलिस्तीन की मान्यता से जुड़े कई UN प्रस्तावों का समर्थन भी किया था।
विश्लेषकों का मानना है कि कुछ व्यक्तियों को “चरमपंथी” कहना अक्सर समस्या को सीमित दिखाता है, जबकि वेस्ट बैंक में हिंसा और कब्ज़ा एक बड़े ढांचे का हिस्सा माना जाता है।
