वेटिकन सिटी — PIC की रिपोर्ट के अनुसार, वेटिकन के प्रमुख पोप लियो XIV ने इज़राइल–फ़िलिस्तीन संघर्ष पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि दशकों से चला आ रहा यह खून-खराबा सिर्फ़ दो-राष्ट्र समाधान से ही खत्म हो सकता है। रविवार को दिए गए संबोधन में उन्होंने दुनिया को याद दिलाया कि वेटिकन लगातार इसी समाधान का समर्थन करता रहा है, क्योंकि यही रास्ता दोनों पक्षों की पीड़ा कम कर सकता है।
पोप ने कहा कि भले ही आज इज़राइल इस प्रस्ताव को मानने के लिए तैयार नहीं, लेकिन वास्तविक शांति की कोई और उम्मीद नहीं दिखती। उनके मुताबिक़, “दो-राष्ट्र समाधान ही वह दरवाज़ा है जो युद्ध की राख से शांति की ओर ले जा सकता है।”
रिपोर्ट के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 के बाद से ग़ाज़ा में हालात बेहद भयावह हो चुके हैं। आर्टिकल का दावा है कि इज़राइल की सैन्य कार्रवाई को “नरसंहार” बताया जा रहा है, जिसमें क़त्ल, भूख, तबाही, विस्थापन और बड़े पैमाने पर गिरफ़्तारियां शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक 239,000 से ज्यादा फ़िलिस्तीनियों की मौत या घायल होने की जानकारी है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। साथ ही 11,000 से अधिक लोग लापता बताए गए हैं और लाखों अपने घरों से बेदख़ल हो चुके हैं।
इसके अलावा रिपोर्ट के अनुसार, ग़ाज़ा का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया है और भुखमरी ने भी अनगिनत बच्चों की जान ली है। इसी दुखद स्थिति के बीच पोप लियो XIV ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे तुरंत आगे आएं और दो-राष्ट्र समाधान को आगे बढ़ाकर इस दर्दनाक संघर्ष को समाप्त करें।
