ग़ज़ा के बच्चों पर मंडरा रहा बड़ा ख़तरा: हर जगह फैले अधूरे बम — UN की चेतावनी

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ग़ज़ा में युद्ध ख़त्म होने के बाद भी लोगों की ज़िंदगी सुरक्षित नहीं हो पाई है। संयुक्त राष्ट्र के माइन एक्शन प्रोग्राम के प्रमुख जूलियस वैन डेर वार्ट के मुताबिक ग़ज़ा में जगह-जगह पड़े अनएक्सप्लोडेड बम सबसे बड़ा ख़तरा बन चुके हैं, और इनसे सबसे ज़्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि दो साल से ज़्यादा समय तक चले इज़रायली हमलों ने पूरे ग़ज़ा को खतरनाक विस्फोटक सामग्री से भर दिया है। युद्धविराम के बाद लाखों लोग अपने घरों की तरफ लौट रहे हैं, लेकिन रास्ते और घरों में पड़े अधूरे बम उनकी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

UN की टीम अक्टूबर 2023 से ग़ज़ा में काम कर रही है और अब तक 650 से ज़्यादा खतरनाक बम और IEDs मिल चुके हैं। ये इतनी संवेदनशील हालत में हैं कि हल्की सी छेड़छाड़ से भी फट सकते हैं।

वैन डेर वार्ट ने कहा कि ग़ज़ा का छोटा इलाक़ा और घनी आबादी स्थिति को और मुश्किल बना देते हैं। लोग चाहकर भी इन बमों से बच नहीं पा रहे हैं। बच्चों के लिए ख़तरा और भी बढ़ जाता है, क्योंकि वे खेलते-खेलते किसी भी चीज़ को छू लेते हैं।

उन्होंने लोगों से सख़्त अपील की कि किसी भी संदिग्ध वस्तु को बिल्कुल न छुएँ और तुरंत इसकी रिपोर्ट करें, क्योंकि ये बम किसी भी पल जानलेवा विस्फोट कर सकते हैं।

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