क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में शुक्रवार तड़के इज़रायली सेना ने कई शहरों और कस्बों में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान घरों में घुसकर तलाशी ली गई, तोड़फोड़ की गई और कम से कम तीन फ़िलिस्तीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।
जनीन ज़िले के याबाद कस्बे में अंधे यानी (नेत्रहीन) धर्मगुरु शेख़ इज़्ज़ुद्दीन अमरना को दोबारा गिरफ्तार किया गया। सेना ने उनके घर में घुसकर सामान बिखेर दिया। नाबलुस के दक्षिण-पश्चिम स्थित तल गांव से मोहम्मद अल-सलवाड़ी को हिरासत में लिया गया, जबकि जनीन शहर के जबल अबू ज़हीर इलाके से उदय सलाहात को गिरफ्तार किया गया।
नाबलुस में अवर्ता चेकपॉइंट से सेना दाख़िल हुई और बलाता अल-बलद व यूसुफ़ के मक़बरे के आसपास तैनात हुई। बलाता शरणार्थी शिविर में कई घरों पर छापे मारे गए और एक मस्जिद में घुसने से तनाव फैल गया।
अल-ख़लील के उत्तर-पूर्व में रस अल-अरूद इलाके में छापेमारी के दौरान युवाओं से झड़पें हुईं, हालांकि किसी के घायल या गिरफ्तार होने की सूचना नहीं है। अभियान का दायरा दूरा, अक़ाबा, टूबास शहर, अल-फ़ारआ शरणार्थी शिविर और बैता तक फैला।
गुरुवार शाम बिर नबाला में गोलीबारी से 17 वर्षीय एक लड़का घायल हो गया। रेड क्रिसेंट के अनुसार उसे हाथ, सीने और पैर में गोलियां लगीं। उसी दौरान अल-जिब और बिर नबाला में छापों के दौरान दो लोग घायल हुए, जिनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया। सिलवान में एक युवक से मारपीट की गई और रास्ता बंद किया गया।
इसके अलावा बैतलहम के दक्षिण-पूर्व अल-मंशिया गांव में लगाए गए चेकपॉइंट से भारी ट्रैफिक जाम भी लगा।
