नॉर्दर्न वेस्ट बैंक में इसराइली क़ब्ज़ा हुकूमत ने एक अहम और विवादित फ़ैसला लेते हुए सानूर (Sanur) आउटपोस्ट में 126 नए सेटलमेंट यूनिट्स के निर्माण को मंज़ूरी दे दी है। फिलिस्तीन इन्फ़ॉर्मेशन सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार, यह आउटपोस्ट अवैध रूप से क़ायम किया गया है और यह कदम इसराइल की सेटलमेंट विस्तार नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इस फ़ैसले को एक उकसावे वाला क़दम बताया जा रहा है, क्योंकि इससे ज़मीन पर नई सेटलमेंट हक़ीक़तें थोपी जा रही हैं। इसराइली वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोत्रिच ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसका मक़सद “नॉर्दर्न वेस्ट बैंक से पीछे हटने की बेइज़्ज़ती को मिटाना” है। उनका यह बयान मौजूदा चरमपंथी सरकार की विस्तारवादी सोच को दर्शाता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि यह मंज़ूरी सेटलमेंट परियोजनाओं की तेज़ी से बढ़ती श्रृंखला का हिस्सा है। आधिकारिक आँकड़ों और शोध संगठनों के अनुसार, 2025 के अंत तक क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक और ईस्ट यरुशलम में हज़ारों सेटलमेंट यूनिट्स को अनुमति दिए जाने की उम्मीद है।
इसके अलावा यह विस्तार एक सुनियोजित रणनीति के तहत किया जा रहा है, जिसमें सुरक्षा और नागरिक स्वीकृतियों की रुकावटों को हटाकर निर्माण प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। इसका मक़सद वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनी ज़मीन पर इसराइली नियंत्रण को और मज़बूत करना बताया गया है।
