संयुक्त राष्ट्र और उसके मानवीय साझीदार संगठन, ग़ाज़ा और क़ाबिज़ पश्चिमी तट में कड़ाके की ठंड और राहत सामग्री की पहुँच में आ रही बाधाओं के बावजूद, बड़े पैमाने पर राहत अभियान जारी रखे हुए हैं. इन अभियानों में आश्रय, स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने गुरूवार को पत्रकारों को बताया कि संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, इसराइली बलों और हमास के बीच दो वर्षों से जारी युद्ध के संयुक्त प्रभाव और विभिन्न बाधाओं के बावजूद, राहत टीमें ग़ाज़ा में सबसे अधिक ज़रूरतमन्द परिवारों तक सहायता पहुँचाना जारी रखे हुए हैं.
प्रवक्ता ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में हमारे एक साझीदार संगठन ने लगभग 2 लाख लोगों को, 7 हज़ार गरिमा किट, 5 हज़ार 600 से अधिक पारिवारिक स्वच्छता किट और 13 लाख साबुन वितरित किए हैं.”
उन्हों ज़ोर देकर कहा कि यह सहायता, युद्ध से बुरी तरह तबाह हो चुके ग़ाज़ा पट्टी के उत्तर और दक्षिण, दोनों हिस्सों में समुदायों तक पहुँच रही है.
लाखों बच्चों तक शिक्षा की पहुँच
ग़ाज़ा में कड़ाके की ठंड के बीच, आपात आश्रय सहायता सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है. मानवीय संगठनों ने अब तक 16 हज़ार से अधिक परिवारों तक तम्बू, तिरपाल और अस्थाई आश्रयों को मज़बूत करने का सामान पहुँचाया है.
इसके अलावा हज़ारों कम्बल, गद्दे, बिस्तर किट, रसोई सामग्री और कपड़े भी वितरित किए गए हैं. पानी की आपूर्ति के लिए भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं.
वहीं, ग़ाज़ा में 420 से अधिक अस्थाई शिक्षण केन्द्रों के ज़रिये, 2 लाख 30 हज़ार से अधिक बच्चों को शिक्षा की सुविधा मिल रही है, जिन्हें लगभग साढ़े 5 हज़ार अध्यापकों का समर्थन मिल रहा है.
संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता ने कहा है कि राहत कार्यों का विस्तार करना एक अत्यन्त महत्वपूर्ण प्राथमिकता बना हुआ है, लेकिन यह अब भी आवश्यक आपूर्ति के प्रवेश पर निर्भर है, जिसकी अनुमति नहीं दी जा रही है.
इसके बावजूद, सार्वजनिक स्कूलों में मरम्मत कार्य जारी है, और ग़ाज़ा शहर में नई कक्षाएँ शुरू होने से, 1 हज़ार 800 से अधिक बच्चे फिर से शिक्षा में लौट पाए हैं.
उधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में 18 मरीज़ों और उनके 36 परिजनों को, इलाज के लिए ग़ाज़ा से बाहर भेजने में सहायता की है.
Source : UN News Hindi
