मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, ग़ज़ा पट्टी में भीषण ठंड ने एक और मासूम ज़िंदगी छीन ली है। मंगलवार को ग़ज़ा सिटी के अल-दरज मोहल्ले में रहने वाली सात महीने की फ़िलिस्तीनी बच्ची शदा अबू जराद की अत्यधिक ठंड के कारण मौत हो गई। मेडिकल सूत्रों ने बताया कि लंबे समय तक कम तापमान के संपर्क में रहने से बच्ची को दिल का दौरा पड़ा।
इस दर्दनाक घटना के बाद मौजूदा सर्दियों के मौसम में ग़ज़ा में ठंड से जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या 9 हो चुकी है। यह हादसा ग़ज़ा में विस्थापित लोगों की बदहाल ज़िंदगी की एक और भयावह तस्वीर पेश करता है। यहां हज़ारों परिवार टेंटों, बुरी तरह क्षतिग्रस्त इमारतों और अत्यधिक भीड़ वाले शरणस्थलों में रहने को मजबूर हैं।
इन जगहों पर न तो पर्याप्त हीटिंग की सुविधा मौजूद है और न ही कंबल या सर्दियों के कपड़ों की उपलब्धता। हालात तब और गंभीर हो जाते हैं जब स्वास्थ्य सेवाओं, साफ़ पानी और पौष्टिक भोजन तक पहुंच भी बेहद सीमित हो जाती है। ऐसे में बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे ज़्यादा जोखिम में हैं और उनकी ज़िंदगियां लगातार खतरे में बनी हुई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भले ही संघर्षविराम को नाममात्र का बताया जा रहा हो, लेकिन मानवीय सहायता अब भी सख़्त प्रतिबंधों में फंसी हुई है। ज़रूरी राहत सामग्री और सर्दियों से बचाव के लिए जरूरी सामान की आपूर्ति में हो रही देरी ग़ज़ा के हालात को और भी जानलेवा बना रही है।
