नई दिल्ली: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानि (CUET) के रजिस्ट्रेशन फॉर्म जारी होते ही 12वीं कक्षा के छात्रों की चिंता बढ़ जाती है। एक ओर बोर्ड परीक्षा सिर पर है, तो दूसरी ओर देश की शीर्ष यूनिवर्सिटीज़ में दाख़िले का रास्ता खोलने वाली CUET की तैयारी भी ज़रूरी हो गई है।
ऐसे में छात्रों के मन में कई सवाल उठते हैं—
-क्या पहले बोर्ड पर ध्यान दें या CUET पर?
-दोनों की तैयारी एक साथ कैसे की जाए?
-और किस परीक्षा को ज़्यादा प्राथमिकता दी जाए?
इसके लिए सबसे पहले जान लेते है की क्या है CUET और क्यों है ये अहम?
CUET एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसका आयोजन हर साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) करती है। इस परीक्षा के ज़रिए देश की—
-48 केंद्रीय विश्वविद्यालय
-36 राज्य विश्वविद्यालय
-26 डीम्ड विश्वविद्यालय
-113 निजी विश्वविद्यालय
के अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज़ में दाख़िला होता है। इसके अलावा IARI, नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज़ यूनिवर्सिटी और राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी जैसे सात सरकारी संस्थान भी CUET स्कोर के आधार पर एडमिशन देते हैं।
उम्र की कोई सीमा नहीं, लेकिन तैयारी का सही समय अहम
एनटीए के मुताबिक CUET देने के लिए कोई आयु सीमा तय नहीं है। 12वीं पास कोई भी उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हो सकता है। हालांकि, जिस विश्वविद्यालय में छात्र दाख़िला लेना चाहता है, वहां की उम्र संबंधी शर्तें लागू होंगी।
CUET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले शिक्षक अखिलेश सिंह बताते हैं, “ 12वीं के साथ CUET की तैयारी करने वाले छात्रों के अच्छे स्कोर करने की संभावना ज़्यादा होती है। हर साल प्रतियोगिता बढ़ रही है, ऐसे में जल्दी तैयारी शुरू करना फायदेमंद है। ”
परीक्षा शुल्क और अहम तारीख़ें
-तीन विषयों के लिए आवेदन शुल्क: ₹1000
-अतिरिक्त विषय जोड़ने पर: ₹400 प्रति विषय
-आरक्षित वर्ग के लिए शुल्क में छूट
-आवेदन की अंतिम तारीख: 30 जनवरी
-संभावित परीक्षा तिथियां: 11 से 31 मई
(रिज़ल्ट की तारीख़ अभी घोषित नहीं हुई है)
छात्रों की ज़मीनी हकीकत
दिल्ली के रहने वाले छात्र इन दिनों प्री-बोर्ड परीक्षा दे रही हैं। बोर्ड की पढ़ाई के साथ-साथ CUET की तैयारी भी उनके रोज़ाना के शेड्यूल का हिस्सा बन चुकी है। उनका कहना है कि दोनों परीक्षाओं का सिलेबस काफ़ी हद तक जुड़ा हुआ है, लेकिन टाइम मैनेजमेंट सबसे बड़ी चुनौती है।
सही रणनीति ही सफलता की कुंजी
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड परीक्षा और CUET की तैयारी को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक-दूसरे से जोड़कर पढ़ना चाहिए। एनसीईआरटी आधारित सिलेबस पर पकड़, मॉक टेस्ट और नियमित रिविज़न से दोनों परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।
