ग़ाज़ा में विशाल सहायता आवश्यकताओं से ध्यान नहीं भटकने देना होगा – यूएन एजेंसियाँ

हिंसक टकराव से बर्बाद हुई ग़ाज़ा पट्टी में पुनर्निर्माण के मुद्दे पर बातचीत के बीच, यूएन सहायता एजेंसियों ने ज़ोर देकर कहा है कि फ़िलहाल सबसे अधिक आवश्यकता ज़रूरतमन्द फ़लस्तीनी आबादी के लिए तात्कालिक मानवीय राहत सुनिश्चित करने की है. 

परियोजना सेवाओं के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में संचार निदेशक जूलियट टूमा ने बताया कि सीमा चौकियों पर बहुत जाम लगा रहता है और उसे दूर किया जाना आवश्यक है. साथ ही, जॉर्डन कॉरीडोर समेत अन्य जीवनरक्षक मार्गों को फिर से खोला जाना भी अहम है.

यूएन कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अक्टूबर में लागू हुए युद्धविराम समझौते के बाद फ़लस्तीनी परिवारों को राहत मिली है, लेकिन अब भी लोग लगभग हर दिन हताहत हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ग़ाज़ा में बेहद सम्वेदनशील परिस्थितियों में जीवन गुज़ार रहे लोग, एक पुनर्निर्माण योजना के आकार लेने तक प्रतीक्षा नहीं कर सकते हैं. 

ग़ौरतलब है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने ‘बोर्ड ऑफ़ पीस’ नामक एक पहल को पेश किया है, जिसके तहत ग़ाज़ा के पुनर्निर्माण का भी उल्लेख किया गया है.

फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन एजेंसी (UNRWA) ने इन्हीं चिन्ताओं को दोहराते हुए, ग़ाज़ा और क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़े में सहायता प्रयासों में अपनी भूमिका को रेखांकित किया. 

दिसम्बर 1949 में, संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने महासभा की बैठक के दौरान यूएन एजेंसी को यह दायित्व सौंपने का निर्णय लिया था.

UNRWA के वरिष्ठ संचार अधिकारी जोनेथन फ़ाउलर ने कहा कि उनका संगठन ग़ाज़ा पट्टी में सक्रिय सबसे बड़ी यूएन एजेंसी है. “हमें अपना कार्य जारी रखने में सक्षम होना चाहिए. यह पूरी तरह से स्पष्ट है.”

‘बोर्ड ऑफ़ पीस’

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने स्विट्ज़रलैंड के दावोस शहर में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान अपने शान्ति बोर्ड को पेश किया. 

पिछले वर्ष नवम्बर में, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2803 के ज़रिए, इसके गठन का स्वागत किया था. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संयुक्त राष्ट्र किस प्रकार से बोर्ड ऑफ़ पीस को समर्थन प्रदान करेगा.

जिनीवा में यूएन सूचना कार्यालय की निदेशक आलेस्सान्द्रा वेलुच्ची ने कहा कि हम सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 को पूर्ण रूप से लागू करने के लिए हरसम्भव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

“मानवतावादी सहायता वितरण में अगुवाई के लिए संयुक्त राष्ट्र की एक भूमिका है, जो हम इतने लम्बे समय से कर रहे हैं, और हम अपनी क्षमता के साथ सर्वोत्तम ढंग से करना जारी रखेंगे.”

आपात राहत के लिए यूएन कार्यालय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में, ग़ाज़ा में 13 हज़ार घर-परिवारों को आपात आश्रय सहायता प्रदान की गई है, सैकड़ों टैंट व हज़ारों तिरपाल वितरित किए गए हैं.

हालांकि, ग़ाज़ा में क्षमता व वित्तीय क़िल्लत की वजह से 970 विस्थापन केन्द्रों पर सहायता प्रदान करने के लिए सीमित स्तर पर ही संसाधन हैं. स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताएँ भी विशाल स्तर पर हैं और इन चुनौतियों के बावजूद, UNRWA समेत अन्य संगठन एक दिन में 15 हज़ार मरीज़ों को सेवाएँ प्रदान करने में जुटे हैं.

Source: UN News

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