भारत ने 26 जनवरी को अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ध्वजारोहण किया और राष्ट्रगान के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक दावा तेज़ी से वायरल होने लगा, जिसमें कहा गया कि इंडोनेशिया के प्रधानमंत्री (राष्ट्रपति) प्रबोवो सुबियान्टो कथित तौर पर भारत की रिपब्लिक डे परेड को बीच में ही छोड़कर चले गए।
क्या है वायरल दावा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट “ज़र्द सी गाना” ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो की एक तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया कि, ब्रेकिंग: इंडोनेशिया के PM प्रबोवो सुबियांटो कथित तौर पर भारत की रिपब्लिक डे परेड के दौरान बीच में ही चले गए, जब भारतीय PM मोदी ने नकली “जीत” का दावा करते हुए कहा कि दिखाए गए हथियार पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ असरदार थे। — भारत के लिए एक और बड़ी बेइज्जती। (हिंदी अनुवाद)
फैक्ट चेक:

Times Headline ने इस वायरल दावे की पड़ताल के लिए भारत के 77वें गणतंत्र दिवस से जुड़ी प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स की जांच की। जांच के दौरान द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें बताया गया कि— 26 जनवरी 2026 को आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा थे।

रिपोर्ट में 1950 से 2026 तक के रिपब्लिक डे चीफ गेस्ट की सूची भी दी गई है। इस लिस्ट से साफ होता है कि इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो 26 जनवरी 2025 को भारत के 76वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि थे, न कि 2026 में।

इसकी पुष्टि भारतीय विदेश मंत्रालय की 16 जनवरी 2025 को जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज से भी होती है।

निष्कर्ष
Times Headline के फैक्ट चेक में यह साफ हो जाता है कि इंडोनेशिया के PM/राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्टो द्वारा रिपब्लिक डे परेड बीच में छोड़कर जाने का दावा पूरी तरह फर्जी है।
