सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुछ तस्वीरें तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिनमें उन्हें अलग-अलग लड़कियों के साथ दिखाने का दावा किया जा रहा है। वायरल पोस्ट्स में तीन तस्वीरें साझा की जा रही हैं—
- पहली तस्वीर में प्रधानमंत्री को एक कार के भीतर किसी लड़की के साथ बैठे हुए दिखाया गया है।
- दूसरी तस्वीर में यह दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी एक लड़की का हाथ पकड़े हुए हैं।
- वहीं, तीसरी तस्वीर में उन्हें विमान के अंदर एक लड़की के साथ बैठा बताया जा रहा है।
इन सभी तस्वीरों को अमेरिका के कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी तथाकथित “एपस्टीन फाइल्स” से जोड़कर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है।
इन तस्वीरों को साझा करते हुए एक यूज़र ने लिखा,
‘पहले हमारे पास ऐसा प्रधानमंत्री था, जिसका नाम हार्वर्ड और ऑक्सफ़ोर्ड में लिया जाता था। अब हमारे पास ऐसा प्रधानमंत्री है, जिसका नाम #EpsteinFiles में एपस्टीन के साथ सामने आ रहा है। बेहद शर्मनाक!!‘

इसी तरह के दावों के साथ कई अन्य यूज़र्स ने भी इन तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया है।
फैक्ट चेक क्या कहता है?
Times Headline की जांच में सामने आया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लड़कियों के साथ वायरल की जा रही तीनों तस्वीरें एडिटेड और भ्रामक हैं। इन तस्वीरों को डिजिटल तरीके से बदलकर उनमें अलग-अलग महिलाओं को जोड़ा गया है।
पहली तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च करने पर पता चला कि कार में प्रधानमंत्री मोदी के साथ कोई लड़की नहीं, बल्कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन मौजूद हैं। इस ओरिजिनल तस्वीर को मीडिया संस्थान एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में प्रकाशित किया था।

दूसरी वायरल तस्वीर में विमान के अंदर प्रधानमंत्री के पास कोई लड़की नहीं बैठी है। असल तस्वीर में उनके पास सरकारी फाइलें और दस्तावेज़ रखे हुए हैं। इस वास्तविक फोटो को डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट में देखा जा सकता है।
वहीं, तीसरी तस्वीर किसी सार्वजनिक कार्यक्रम की है, जहां प्रधानमंत्री मोदी एक महिला से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को गलत संदर्भ में पेश कर सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे किए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
Times Headline के फैक्ट चेक से स्पष्ट है कि सोशल मीडिया पर एपस्टीन फाइल्स से जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लड़कियों के साथ वायरल की जा रही तस्वीरें फर्जी और एडिटेड हैं। इनका वास्तविक घटनाओं या तथाकथित एपस्टीन फाइल्स से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा किया जा रहा दावा पूरी तरह भ्रामक है।
