भारत में डिजिटल भुगतान को और आसान और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक ने डिजिटल रुपया यानी (e₹) की शुरुआत की है। यह भारत की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी (CBDC) है, जिसे फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सीमित दायरे में लागू किया गया है।
क्या है डिजिटल रुपया?
डिजिटल रुपया, भारतीय मुद्रा रुपये का ही इलेक्ट्रॉनिक रूप है। इसकी वैल्यू पूरी तरह वही है जो नकद रुपये की होती है और इसे भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किया जाता है। यानी यह पूरी तरह सुरक्षित और केंद्रीय बैंक द्वारा गारंटीड डिजिटल कैश है।
इसे उपयोगकर्ता अपने मोबाइल फोन में एक डिजिटल वॉलेट के जरिए रखते हैं और इसका इस्तेमाल पैसे भेजने, प्राप्त करने और भुगतान करने के लिए कर सकते हैं! ठीक उसी तरह जैसे नकद लेन-देन किया जाता है।
कैसे काम करता है e₹?
डिजिटल रुपये का वितरण बैंक और अधिकृत गैर-बैंकिंग संस्थाएं करती हैं। उपयोगकर्ताओं को एक डिजिटल वॉलेट दिया जाता है, जिसमें वे e₹ स्टोर कर सकते हैं। यह वॉलेट मोबाइल ऐप के जरिए संचालित होता है।
इसमें भुगतान करने के लिए उपयोगकर्ता QR कोड स्कैन कर सकते हैं! चाहे वह CBDC QR हो या सामान्य UPI QR हालांकि, लेन-देन का तरीका अलग होता है।
यूपीआई से कैसे अलग है?
डिजिटल रुपया और यूपीआई अक्सर एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन दोनों में मूलभूत अंतर है। यूपीआई एक पेमेंट सिस्टम है, जो बैंक खातों के बीच पैसे ट्रांसफर करता है। जब आप यूपीआई से भुगतान करते हैं, तो पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट से कटता है। वहीं, डिजिटल रुपया खुद एक मुद्रा है। इसमें पैसा पहले से वॉलेट में मौजूद होता है और लेन-देन उसी डिजिटल कैश से होता है। इसे आप डिजिटल नोट की तरह समझ सकते हैं।
क्रिप्टोकरेंसी से क्या अंतर है?
डिजिटल रुपया और क्रिप्टोकरेंसी के बीच भी बड़ा अंतर है। क्रिप्टोकरेंसी किसी केंद्रीय संस्था द्वारा नियंत्रित नहीं होती और भारत में इसे वैध मुद्रा का दर्जा प्राप्त नहीं है। इसके विपरीत, डिजिटल रुपया पूरी तरह से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी और नियंत्रित किया जाता है, इसलिए यह एक आधिकारिक और वैध मुद्रा है।
किन बैंकों में उपलब्ध है?
फिलहाल, डिजिटल रुपया पायलट चरण में है और इसे सीमित बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। कुल 19 बैंक इस प्रणाली का हिस्सा हैं, जिनमें प्रमुख सार्वजनिक और निजी बैंक शामिल हैं। ये बैंक अपने-अपने मोबाइल ऐप के जरिए CBDC वॉलेट की सुविधा दे रहे हैं।
कैसे शुरू करें?
डिजिटल रुपये का उपयोग शुरू करने के लिए:
- संबंधित बैंक का CBDC वॉलेट ऐप डाउनलोड करना होता है
- रजिस्ट्रेशन और KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है
- बैंक अकाउंट लिंक करना होता है
- वॉलेट में डिजिटल रुपये लोड करने होते हैं
फिलहाल, यह सुविधा सभी के लिए खुली नहीं है। बैंक चुनिंदा ग्राहकों को ही इसमें शामिल कर रहे हैं।
क्या कैश की जगह लेगा डिजिटल रुपया?
भारतीय रिज़र्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल रुपया नकद मुद्रा को बदलने के लिए नहीं लाया गया है, बल्कि यह उसका पूरक होगा।
भारत में अभी भी बड़ी आबादी नकद पर निर्भर है, खासकर ग्रामीण और असंगठित क्षेत्रों में। ऐसे में डिजिटल रुपया डिजिटल सुविधा के साथ नकद जैसी विश्वसनीयता प्रदान करने का प्रयास है।
निष्कर्ष
डिजिटल रुपया भारत के भुगतान तंत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। यह न केवल लेन-देन को आसान बना सकता है, बल्कि भविष्य में ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट जैसी नई संभावनाओं को भी जन्म दे सकता है। हालांकि, इसका व्यापक उपयोग अभी पायलट चरण के सफल परिणामों पर निर्भर करेगा।
