IRGC का बड़ा दावा—‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की वेव 97 में खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों पर हमले

Islamic Revolutionary Guard Corps यानी (IRGC) ने कहा है कि उसने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” की वेव 97 के तहत खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और इज़राइल से जुड़े कई अहम ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।

IRGC के मुताबिक, कुवैत में मोहम्मद अल-अहमद नेवल बेस के पास एक गुप्त अमेरिकी कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया। उनका दावा है कि यह हमला बेहद सटीक था और इसके बाद वहां कई एंबुलेंस पहुंचीं, जिससे भारी नुकसान और हताहतों की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात के जेबेल अली पोर्ट में “QINGDAO STAR” नाम के एक जहाज़ को मिसाइल से निशाना बनाया गया, जिससे उसमें आग लग गई। IRGC का कहना है कि यह जहाज़ इज़राइल से जुड़ा हुआ था।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर सख्ती

IRGC ने यह भी कहा कि उसने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। पिछले 24 घंटों में कई जहाज़ों को बिना अनुमति आने-जाने से रोका गया और उन्हें अलग-अलग जगहों पर खड़ा कर दिया गया। संगठन ने समुद्र में चलने वाले जहाज़ों को चेतावनी दी है कि वे गलत जानकारी पर भरोसा न करें और सिर्फ आधिकारिक चैनलों से ही संपर्क रखें।

पहले हमलों में भी नुकसान का दावा

IRGC के अनुसार, इससे पहले UAE में एक अमेरिकी कमांड सेंटर पर हुए हमले में 25 लोग मारे गए या घायल हुए थे।

HIMARS और Patriot सिस्टम भी बने निशाना

IRGC ने बताया कि उसने कुवैत के बुबीयान द्वीप पर HIMARS मिसाइल सिस्टम और बहरीन में अमेरिकी Patriot डिफेंस सिस्टम को भी निशाना बनाया।इसके साथ ही UAE में अमेरिकी सैनिकों से जुड़े ठिकानों और Oracle कंपनी से जुड़े एक स्थान पर भी हमला करने का दावा किया गया है। बहरीन के खलीफा बिन सलमान पोर्ट पर “MCS Ishika” नाम के एक जहाज़ को भी निशाना बनाया गया, जिसे इज़राइल से जुड़ा बताया गया है।

IRGC ने साफ कहा है कि यह सब कार्रवाई वह अपनी “आत्मरक्षा” के तहत कर रहा है और ईरान पर अमेरिका और इज़राइल की तरफ से हुए हमलों के जवाब में यह ऑपरेशन आगे भी जारी रहेगा।

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